
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राज्य की 127 राजनीतिक पार्टियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। ये नोटिस 2024 के लोकसभा चुनाव के खर्च का विवरण जमा न करने के लिए भेजा गया है। चुनाव आयोग के 19 सितंबर को जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। पार्टियों को 3 अक्टूबर तक जवाब देने का समय दिया गया है।
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत, इन दलों से पिछले तीन वर्षों के ऑडिट किए गए खातों का ब्यौरा भी मांगा गया है। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि अगर तय समय तक जवाब नहीं मिला, तो यह मान लिया जाएगा कि संबंधित पार्टी के पास कोई सफाई नहीं है। सुनवाई के लिए 6, 7, 8 और 9 अक्टूबर की तारीखें निर्धारित की गई हैं।
मऊ जिले में पंजीकृत आजाद समाज पार्टी
नोटिस प्राप्त करने वाली पार्टियों में मऊ जिले में पंजीकृत आजाद समाज पार्टी, विकास इंसाफ पार्टी, विश्व मानव समाज कल्याण परिषद और वतन जनता पार्टी जैसी पार्टियां शामिल हैं। लोकसभा चुनाव के लिए राजनीतिक दलों को खर्च का ब्यौरा 90 दिनों के भीतर जमा करना होता है, लेकिन 15 महीने बीत जाने के बाद भी इन दलों ने यह जानकारी नहीं दी।
तमिलनाडु में 42 पार्टियों का पंजीकरण रद्द
चुनाव आयोग ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है। इससे पहले, आयोग ने तमिलनाडु में 42 पार्टियों का पंजीकरण रद्द कर चुका है। उत्तर प्रदेश में भी ऐसी पार्टियों पर कार्रवाई की संभावना है, जो समय पर जवाब देने में विफल रहेंगी।
