
आगरा और मथुरा में यमुना नदी में आई बाढ़ और मूसलाधार बारिश ने हालात गंभीर कर दिए हैं। मथुरा में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से 86 सेमी ऊपर पहुंच गया है, जबकि आगरा में यह मध्यम बाढ़ स्तर से ऊपर है। गोकुल बैराज से लगातार छोड़ा जा रहा पानी जलस्तर को और बढ़ा सकता है, जिससे शनिवार तक आगरा में यमुना 500 फीट तक पहुंच सकती है। प्रशासन ने आगरा में हाई अलर्ट जारी किया है और नदी किनारे पुलिस तैनात कर घाट बंद कर दिए गए हैं।
कासगंज में गंगा नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, वहीं चंबल और उटंगन नदियों में भी उफान है। चंबल का जलस्तर 125 मीटर पर पहुंच गया है, जो बाढ़ की चेतावनी स्तर से केवल दो मीटर नीचे है। सदर तहसील और फतेहाबाद के कई गांवों में पानी खेतों और घरों तक पहुंच गया है, जिससे फसलें जलमग्न हो गई हैं। प्रभावित गांवों में समोगर, नूरपुर, तनोरा, वरना, शालूवाई और निबोहरा शामिल हैं।
आगरा और मथुरा में भारी बारिश और जलभराव
आगरा और मथुरा में भारी बारिश और जलभराव के कारण शनिवार को नर्सरी से 12वीं तक के स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। ताजमहल की दीवार और बटेश्वर के ब्रह्मलाल मंदिर तक पानी पहुंच गया है, जबकि दयालबाग से एत्मादउद्दौला तक कई कॉलोनियां खतरे में हैं। सिंचाई विभाग के अनुसार, गोकुल बैराज से छोड़ा गया 1,26,151 क्यूसेक पानी आगरा में जलस्तर को और बढ़ा सकता है।
प्रशासन स्थिति पर काबू पाने के लिए कई कदम
प्रशासन ने स्थिति पर काबू पाने के लिए कई कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी लगातार निरीक्षण कर रहे हैं और लोगों को मुनादी के जरिए सतर्क किया जा रहा है। कैलाश गांव, नगला बूढ़ी, अमर विहार और यमुना किनारा रोड जैसे क्षेत्रों में पानी प्रवेश कर चुका है। लोगों से नदी किनारे न जाने की अपील की गई है और कंट्रोल रूम नंबर 0562-2260550 और 06458095419 जारी किए गए हैं।
