
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने मुस्लिम समुदाय से फिल्में न देखने की अपील की है। उन्होंने शरीयत का हवाला देते हुए कहा कि फिल्म देखना और दिखाना दोनों इस्लाम में नाजायज और हराम है। यह बयान उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर बनी फिल्म ‘अजेय’ के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में दिया।
मौलाना रजवी ने स्पष्ट किया कि फिल्म का विषय या किरदार कोई भी हो, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। चाहे वह फिल्म योगी आदित्यनाथ पर हो, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हो, या कोई अन्य। उन्होंने कहा कि शरीयत के अनुसार फिल्में देखना गुनाह है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति फिल्म देखता है, वह शरई दृष्टिकोण से कठघरे में खड़ा होगा और अल्लाह के सामने जवाबदेह होगा।
‘इस्लाम में निषिद्ध है नाच-गाना और खेल-कूद’
उन्होंने आगे कहा कि न केवल फिल्में, बल्कि खेल-कूद, नाच-गाना और ढोल-नगाड़ा जैसी गतिविधियां भी इस्लाम में निषिद्ध हैं। मौलाना ने मुस्लिम युवाओं से अपील की कि वे इन गतिविधियों से दूर रहें और शरीयत का पालन करें। उनके अनुसार, इन नियमों का पालन करने वाले को सवाब मिलेगा, जबकि इनका उल्लंघन करने वाला गुनहगार होगा।
इस्लामी शिक्षा के आधार क्या बोले
यह बयान बरेली में पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान सामने आया, जहां मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने इस्लामी शिक्षाओं के आधार पर अपनी बात रखी। उनके इस बयान ने स्थानीय स्तर पर चर्चा को जन्म दिया है और लोग इस पर अलग-अलग राय व्यक्त कर रहे हैं।
