राष्ट्रपति मुर्मू ने 30 न्यायाधीशों की नियुक्ति को दी मंजूरी, इलाहाबाद हाईकोर्ट में 24 नए जज शामिल

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विभिन्न उच्च न्यायालयों में 30 न्यायाधीशों की नियुक्ति की मंजूरी दी है। इनमें से 24 न्यायाधीश इलाहाबाद हाईकोर्ट में शामिल हैं, जिससे वहां कुल जजों की संख्या 110 हो गई है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने 30 न्यायाधीशों की नियुक्ति को दी मंजूरी, इलाहाबाद हाईकोर्ट में 24 नए जज शामिल

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों में 30 न्यायाधीशों और अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इस जानकारी को अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर साझा किया। जारी सूची के अनुसार, इलाहाबाद हाईकोर्ट में 24 न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई है, जिनमें 10 अधिवक्ता और 14 न्यायिक अधिकारी शामिल हैं।

नियुक्त किए गए अधिवक्ताओं में एडवोकेट विवेक सरन, विवेक कुमार सिंह, गरिमा प्रसाद, सुधांशु चौहान, अवधेश कुमार चौधरी, स्वरूपमा चतुर्वेदी, सिद्धार्थ नंदन, कुनाल रवि सिंह, इन्द्रजीत शुक्ला और सत्यवीर सिंह शामिल हैं। न्यायिक अधिकारियों में डॉ. अजय कुमार द्वितीय, चमन प्रकाश, दिवेश चंद्र सामंत, प्रशांत मिश्रा प्रथम, तरुण सक्सेना, राजीव भारती, पद्म नारायण मिश्रा, लक्ष्मीकांत शुक्ला, जयप्रकाश तिवारी, देवेंद्र सिंह प्रथम, संजीव कुमार, वानी रंजन अग्रवाल, अचल सचदेव और बबीता रानी शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में दो न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई है, जिनमें एडवोकेट जिया लाल भारद्वाज और एडवोकेट रोमेश वर्मा शामिल हैं। कर्नाटक हाईकोर्ट में भी तीन नियुक्तियां हुई हैं, जिसमें कुरुबारहल्ली वेंकटारामरेड्डी अरविंद को स्थायी जज बनाया गया है। वहीं, न्यायिक अधिकारी गीता कदबा भारथाराजा सेट्टी और बोरकट्टे मुरलीधर पाई को अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट में जजों की संख्या बढ़ी

इलाहाबाद हाईकोर्ट में जजों के खाली पदों और पेंडेंसी के खिलाफ याचिका दायर करने वाले सीनियर एडवोकेट सतीश त्रिवेदी ने बताया कि इन 24 नियुक्तियों के बाद अब इलाहाबाद हाईकोर्ट में कुल जजों की संख्या 110 हो गई है। यहां कुल स्वीकृत पदों की संख्या 160 है, जिसमें अभी भी 50 पद खाली रहेंगे।

सीनियर एडवोकेट एसएफए नकवी ने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में कुल 160 पदों के सापेक्ष सर्वाधिक जजों की संख्या 120 रही है। समय के साथ यह संख्या घटती गई और 100 से भी कम जज इलाहाबाद हाईकोर्ट में कार्यरत थे। इसी कारण 12 लाख से अधिक केस इलाहाबाद हाईकोर्ट में पेंडिंग हैं। नियुक्तियों के बाद पेंडेंसी कुछ कम होने की उम्मीद है। हालांकि, यह संख्या भी अभी अपर्याप्त है। न्यायाधीशों के खाली 50 पदों को भी शीघ्र भरने की आवश्यकता है।

न्यायालयों में नियुक्तियों का प्रभाव

इन नियुक्तियों के माध्यम से न्यायालयों में कार्यभार को संतुलित करने और लंबित मामलों के समाधान की दिशा में एक सकारात्मक कदम उठाया गया है। इस निर्णय से न्यायपालिका की कार्यक्षमता में सुधार की उम्मीद है। उम्मीद की जा रही है कि इससे न्यायालयों में कामकाज में तेजी आएगी और नागरिकों को न्याय प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

हालांकि, अभी भी न्यायालयों में जजों की संख्या की कमी बनी हुई है, जो न्यायिक प्रणाली के लिए एक चुनौती है। सरकार को न्यायाधीशों की रिक्तियों को जल्द से जल्द भरने की दिशा में प्रयास करने की आवश्यकता है।

Priya Kumari
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