बांसडीह से भाजपा विधायक केतकी सिंह के सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर मुख्यमंत्री आवास से टोटी चोरी के आरोप वाले बयान ने उत्तर प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। सपा ने इस बयान को मानहानिकारक बताते हुए केतकी सिंह को कानूनी नोटिस भेजा है। लखनऊ में विधायक के आवास पर सपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया, जबकि सपा की अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के अधिवक्ता कृष्ण कन्हैया पाल ने केतकी को मानहानि का नोटिस जारी किया।
केतकी सिंह ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव के बिहार चुनाव प्रचार पर सवाल का जवाब देते हुए कहा था कि वे पहले यूपी की जनता को मुख्यमंत्री आवास से ले गई टोटियों का हिसाब दें। नोटिस में इस बयान को दुर्भावनापूर्ण और अखिलेश यादव की छवि को धूमिल करने वाला बताया गया। सपा ने आरोप लगाया कि केतकी ने जानबूझकर पूर्व मुख्यमंत्री और कन्नौज के सांसद अखिलेश यादव को बदनाम करने के इरादे से यह टिप्पणी की।
यूपी की जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास
नोटिस में केतकी सिंह से 15 दिनों के भीतर अखिलेश यादव और सपा के पक्ष में बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की गई है, जिसे प्रमुख राष्ट्रीय समाचार पत्रों में प्रकाशित करना होगा। ऐसा न करने पर सपा ने उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज करने और 5 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की चेतावनी दी है। सपा ने कहा कि यह बयान न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि यह यूपी की जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास भी है।
बलिया से लखनऊ तक राजनीतिक तनाव
यह विवाद बलिया से लखनऊ तक राजनीतिक तनाव का कारण बन गया है। केतकी सिंह के बयान ने सपा और भाजपा के बीच पहले से चली आ रही तल्खी को और बढ़ा दिया है। अब यह देखना बाकी है कि केतकी सिंह इस नोटिस का जवाब कैसे देती हैं और क्या यह मामला कोर्ट तक पहुंचेगा। इस बीच, सपा ने इस मुद्दे को लेकर अपनी कानूनी और राजनीतिक लड़ाई तेज करने का संकल्प लिया है।





