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यूपी विधानसभा के सामने प्रदर्शन करने वालों पर सख्त एक्शन, पुलिस ने 100 लोगों पर दर्ज की FIR

Written by:Banshika Sharma
Published:
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विधानसभा के सामने बिना अनुमति प्रदर्शन करना सुहेल देव आर्मी के कार्यकर्ताओं को महंगा पड़ गया। पुलिस ने संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेश पासी और 100 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ BNS की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। यह प्रदर्शन यूजीसी के प्रावधानों में संशोधन की मांग को लेकर किया गया था।
यूपी विधानसभा के सामने प्रदर्शन करने वालों पर सख्त एक्शन, पुलिस ने 100 लोगों पर दर्ज की FIR

लखनऊ: यूपी की राजधानी में विधानसभा के VVIP सुरक्षा क्षेत्र में बिना इजाजत प्रदर्शन करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। लखनऊ के हजरतगंज थाने में सुहेल देव आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेश पासी और उनके करीब 100 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इन सभी पर निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने और प्रतिबंधित क्षेत्र में नारेबाजी करने का आरोप है।

यह पूरा मामला 7 फरवरी का है, जब दोपहर करीब 3 बजे योगेश पासी के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी विधानसभा के गेट नंबर- 1, 2 और 3 की ओर जाने वाले रास्तों पर इकट्ठा हो गए थे। उनके हाथों में सुहेल देव आर्मी के झंडे, पोस्टर और बैनर थे और वे यूजीसी कानून में संशोधन की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे।

BNS की इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

पुलिस द्वारा दर्ज की गई FIR के अनुसार, योगेश पासी और अन्य प्रदर्शनकारियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 189 (2), 191 (2), 285, 352, और 223 के तहत मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी के दौरान अपशब्दों का भी प्रयोग किया और सड़क पर ही बैठ गए, जिससे यातायात और सुरक्षा व्यवस्था में बाधा उत्पन्न हुई।

गौरतलब है कि विधानसभा और लोकभवन का इलाका एक वीवीआईपी सुरक्षा क्षेत्र है, जहां किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन पर पूरी तरह से रोक है। घटना के वक्त भी इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू थी।

UGC नियमों पर प्रदेश में उबाल

यह प्रदर्शन यूजीसी के नए नियमों को लेकर चल रहे विवाद का हिस्सा है। पिछले कुछ समय से उत्तर प्रदेश के कई शहरों में इन नियमों के खिलाफ आवाज उठ रही है। हालांकि, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इन नियमों पर रोक लगा दी है और मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होनी है। पहले जहां सामान्य वर्ग से जुड़े संगठन प्रदर्शन कर रहे थे, वहीं अब सुहेल देव आर्मी भी इस विरोध में शामिल हो गई है। पुलिस अब इस मामले में आगे की जांच कर रही है।