उत्तर प्रदेश विधान परिषद के पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटें रिक्त होने वाली हैं। इन 11 सीटों के लिए चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। यह प्रक्रिया समय पर चुनाव कराने के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि 11 सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर 2025 को समाप्त हो रहा है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, 30 सितंबर को मतदाता सूची पुनरीक्षण की औपचारिक शुरुआत होगी और नोटिस जारी किया जाएगा। 15 अक्तूबर को नोटिस का प्रथम पुनर्प्रकाशन समाचार पत्रों में होगा। आवेदन (फॉर्म 18 और 19) जमा करने की अंतिम तिथि 6 नवंबर है। इसके बाद, 25 नवंबर को प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशित होगी। दावे और आपत्तियों की अंतिम तिथि 10 दिसंबर तक है, जिनका निस्तारण 25 दिसंबर तक पूरा होगा। अंतिम मतदाता सूची 30 दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी।
रिक्त होने वाली सीटें
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी की सीटें शामिल हैं। वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद की सीटें रिक्त हो रही हैं। इन सीटों के लिए नए मतदाताओं का पंजीकरण और मतदाता सूची का अद्यतन आवश्यक है ताकि चुनाव प्रक्रिया सुचारू रूप से हो सके।
मतदाता बनने की पात्रता
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता बनने के लिए आवेदक को 1 नवंबर 2025 से कम से कम तीन वर्ष पहले स्नातक डिग्री प्राप्त करनी होगी। वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए आवेदक को 1 नवंबर 2025 से पहले पिछले छह वर्षों में कम से कम तीन वर्ष तक शिक्षण कार्य में संलग्न होना अनिवार्य है। यह पुनरीक्षण प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि केवल पात्र मतदाता ही चुनाव में भाग ले सकें।





