उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गोरखपुर दौरे के दौरान श्रीचित्रगुप्त मंदिर सभा की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने बक्शीपुर चौक का नाम बदलकर श्रीचित्रगुप्त चौक करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। सीएम ने कहा कि कायस्थ समाज ने हर क्षेत्र में अपनी विशिष्ट छाप छोड़ी है, और यह निर्णय बक्शीपुर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को और मजबूत करेगा।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कायस्थ समाज की ऐतिहासिक भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीचित्रगुप्त को सृष्टि का लेखा-जोखा रखने और श्रेष्ठ कार्यों की प्रेरणा देने वाले देवता के रूप में जाना जाता है। कायस्थ समाज ने न केवल कलम, बल्कि तलवार के माध्यम से भी देश की सेवा की है। योगी ने स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ. राजेंद्र प्रसाद और लाल बहादुर शास्त्री जैसे कायस्थ समाज के महान व्यक्तित्वों का उल्लेख करते हुए उनके योगदान को याद किया।
कायस्थ समाज का हर दौर राष्ट्र निर्माण में
सीएम ने कहा कि कायस्थ समाज ने धर्म, प्रशासन, शिक्षा, चिकित्सा, कला और व्यवसाय जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद का उदाहरण देते हुए कहा कि जब देश गुलामी के दौर में भारतीयता को भूल रहा था, तब विवेकानंद ने शिकागो में “गर्व से कहो हम हिन्दू हैं” का उद्घोष कर विश्व में भारतीय संस्कृति का मान बढ़ाया। योगी ने इस बात पर जोर दिया कि कायस्थ समाज का हर दौर में राष्ट्र निर्माण में योगदान रहा है।
यह निर्णय कायस्थ समाज के लिए गौरव
बक्शीपुर चौक का नाम श्रीचित्रगुप्त के नाम पर करने का प्रस्ताव मंदिर सभा के पूर्व अध्यक्ष हरिनंदन श्रीवास्तव ने रखा था, जिसे सीएम ने स्वीकार कर लिया। उन्होंने महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव को इस संबंध में प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। योगी ने कहा कि बक्शीपुर बाजार की पहचान कलम और किताब से रही है, इसलिए इस चौक का नाम श्रीचित्रगुप्त को समर्पित करना एक सराहनीय कदम है। यह निर्णय कायस्थ समाज के गौरव को और बढ़ाएगा।





