भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने गुरुवार को मुजफ्फरनगर में विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। पार्टी कार्यालय पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव को ‘झूठ की फैक्ट्री’ का संचालक करार दिया। उन्होंने सपा सरकार पर गुंडों और माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगाया, जबकि योगी आदित्यनाथ सरकार की कानून व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि अब अपराधियों पर त्वरित और कठोर कार्रवाई हो रही है।
अरुण सिंह ने 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका दिवस’ के रूप में मनाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा का उल्लेख किया। उन्होंने 1947 के विभाजन की भयावहता को याद करते हुए कहा कि इस दौरान डेढ़ करोड़ लोग विस्थापित हुए, 10 लाख से अधिक की हत्या हुई और हजारों महिलाओं के साथ अत्याचार हुआ। उन्होंने बताया कि देशभर में इस पीड़ा को याद करने के लिए प्रदर्शनियां आयोजित की जा रही हैं और विस्थापित परिवारों को सम्मानित किया जा रहा है।
धर्मांतरण, पलायन और हत्याओं को जिम्मेदार कौन
भाजपा नेता ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदू आबादी में भारी कमी आई है, जिसके लिए धर्मांतरण, पलायन और हत्याओं को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने CAA के जरिए पीड़ितों को भारत की नागरिकता देकर न्याय सुनिश्चित किया, जबकि कांग्रेस ने इस मुद्दे पर दशकों तक चुप्पी साधे रखी। उन्होंने विपक्ष पर संसद में हंगामा करने का आरोप लगाते हुए इसे ‘लोकतंत्र का अपमान’ बताया।
इतिहास और बलिदान को समझने की अपील
अरुण सिंह ने युवाओं से देश के इतिहास और बलिदान को समझने की अपील की। उन्होंने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने युवाओं से जनसंख्या नियंत्रण और देश की एकता व अखंडता के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। यह बयान उत्तर प्रदेश की सियासत में भाजपा और विपक्ष के बीच चल रही तीखी बयानबाजी को और तेज कर सकता है।





