डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए योगी, बोले- हमने पिछले 8 वर्षों में चिकित्सा क्षेत्र में बहुत तरक्की की

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा हमारे जीवन की तीन स्थितियां होती हैं- प्रवृत्ति, विकृति और संस्कृति, और संस्कृति का एक बेहतरीन उदाहरण डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान ने प्रस्तुत किया है, मैं इसके लिए बधाई देता हूँ । 
Yogi Adityanath Dr. Ram Manohar Lohia Institute of Medical Sciences foundation day celebrations

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज शनिवार को लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के 5वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने नवनिर्मित सुविधाओं का लोकार्पण/शिलान्यास एवं चिकित्सा-शिक्षा, रोगी सेवा, अनुसंधान व प्रशासनिक कार्यों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए  कि डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान उत्तर प्रदेश के अंदर टॉप-3 चिकित्सा संस्थान के रूप में स्थापित हो चुका है। यह दिखाता है कि हमारी दिशा सही है, हमारी लीडरशिप सही है।  पिछले 19 वर्षों में 20 बेड का अस्पताल इतनी तेजी के साथ 1,375 बेड का एक बेहतरीन संस्थान बन जाए और ‘स्टेट ऑफ द आर्ट’ के रूप में अपना नाम दर्ज करवाने के लिए उत्सुक दिखाई दे, यह विरला ही देखने को मिलता है।

UP में दो गुने हो चुके हैं मेडिकल कॉलेज, MBBS की सीटें बढ़ चुकी 

योगी ने कहा कि पिछले 8 वर्षों में हमने चिकित्सा के क्षेत्र में बहुत तरक्की की है ये प्रधानमंत्री मोदी की विजनरी लीडरशिप का ही प्रतिफल है, आज मेडिकल कॉलेज की संख्या दो गुनी से अधिक हो गई है चिकित्सा संस्थानों में MBBS की सीटों की संख्या बढ़ गई है, आज हर जनपद में ICU की सुविधा है, मिनी ICU है और डायलिसिस की सुविधा है।

जनपदों के अस्पतालों में आज मरीजों के लिए सब सुविधाएँ  

योगी ने कहा 72 जनपदों में सिटी स्कैन मशीनें है, कई जगह मिनी आईसीयू हैं, आयुष्मान आरोग्य मंदिर के माध्यम से सेवाएं दी जा रही हैं इसलिए अब जनपदों में सर्दी, खांसी, बुखार के मरीज अधिक पहुंच रहे हैं उन्हें टेली कंसल्टेंसी की सुविधा मिलनी चाहिए इससे बड़े संस्थानों में मरीजों का दबाव कम होगा और फिर वो अधिक अच्छे से मरीज पर ध्यान दे सकेगा।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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