उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी की हत्या का मामला समय बीतने के बावजूद ठंडा नहीं पड़ा है। बल्कि जैसे-जैसे दिन गुजर रहे हैं, वैसे-वैसे पूरे प्रदेश में गुस्सा और बेचैनी बढ़ती जा रही है। लोग सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर सच कब सामने आएगा और दोषियों को सजा कब मिलेगी। इसी गुस्से और आक्रोश के बीच काशीपुर में कांग्रेस ने सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पार्टी ने साफ कहा कि जब तक अंकिता भंडारी हत्याकांड की निष्पक्ष CBI जांच नहीं होती और सभी VIP दोषियों के चेहरे सामने नहीं आते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
क्यों फिर गरमाया मामला
अंकिता भंडारी हत्याकांड शुरू से ही सवालों के घेरे में रहा है। इस मामले में आरोप लगे कि प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। इसी वजह से प्रदेशभर में CBI जांच की मांग लगातार तेज होती जा रही है। आम जनता, सामाजिक संगठन और अब राजनीतिक दल भी खुलकर सामने आ रहे हैं। लोगों का मानना है कि अगर जांच निष्पक्ष होती, तो आज भी सड़कों पर प्रदर्शन की जरूरत नहीं पड़ती। अंकिता भंडारी हत्याकांड अब सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि न्याय और भरोसे की लड़ाई बन चुका है।
काशीपुर में कांग्रेस का धरना-प्रदर्शन, सरकार को घेरा
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर काशीपुर में कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस की काशीपुर महानगर जिलाध्यक्ष अलका पाल के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ता और नेता उपजिलाधिकारी कार्यालय परिसर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने धामी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया कि सरकार इस बहुचर्चित हत्याकांड को दबाने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की बेटी के साथ अन्याय है।
CBI जांच और VIP दोषियों के नाम उजागर करने की मांग
कांग्रेस ने प्रदर्शन के दौरान दो टूक मांग रखी। पहली, अंकिता भंडारी हत्याकांड की निष्पक्ष CBI जांच कराई जाए। दूसरी, इस हत्याकांड से जुड़े सभी VIP दोषियों के नाम सार्वजनिक किए जाएं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब तक जांच स्थानीय एजेंसियों के पास रहेगी, तब तक सच्चाई सामने नहीं आएगी। उनका आरोप है कि प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए जांच की दिशा बदली जा रही है। इसलिए CBI जांच ही एकमात्र रास्ता है, जिससे न्याय मिल सकता है।
SDM कोर्ट परिसर में गूंजे नारे
काशीपुर SDM कोर्ट परिसर में कांग्रेस के इस आंदोलन में क्षेत्र के समस्त कांग्रेस पदाधिकारी, निगम पार्षद और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। जोरदार नारेबाजी के जरिए भाजपा सरकार को चेतावनी दी गई कि अगर अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन और तेज होगा। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। माहौल पूरी तरह से आक्रोशित नजर आया, जहां हर नारे में न्याय की मांग साफ सुनाई दे रही थी।
कुर्सी बचाने के लिए दबाया जा रहा मामला
प्रदर्शन के दौरान कई कांग्रेस नेताओं ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को अपनी कुर्सी जाने का डर सता रहा है। इसी डर की वजह से अंकिता भंडारी हत्याकांड को दबाने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब बात सत्ता और VIP लोगों की आती है, तो सरकार का रवैया बदल जाता है। लेकिन यह मामला किसी नेता का नहीं, बल्कि उत्तराखंड की बेटी का है, जिसे इंसाफ मिलना ही चाहिए।





