Fri, Jan 9, 2026

देहरादून विकास कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की समीक्षा बैठक, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में 08 जनवरी 2026 (गुरुवार) को राजधानी देहरादून के वन मुख्यायल में जनपद देहरादून से संबंधित विकास कार्यों की एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
देहरादून विकास कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की समीक्षा बैठक, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

उत्तराखंड (Uttarakhand) के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) की अध्यक्षता में 08 जनवरी 2026 (गुरुवार) को राजधानी देहरादून के वन मुख्यालय में जनपद देहरादून से संबंधित विकास कार्यों की एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, महापौर सौरभ थपलियाल, जिलाधिकारी सविन बंसल, एसएसपी, नगर आयुक्त सहित अन्य विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी रही। इस दौरान मौजूदा वित्तीय वर्ष के अब तक किए गए विकास कार्यों और चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक की जानकारी मुख्यमंत्री धामी ने सोशल मीडिया एक्स पर दी।

विकास कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश

मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ विकास कार्यों को समयबद्ध पूरा करें। बैठक में सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। प्रदेश की एक-एक इंच सरकारी जमीन जनता की संपत्ति है, उस पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

नियमित की जाए दस्तावेजों के सत्यापन की कार्यवाही- मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, परिवार रजिस्टर, बिजली के बिल और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों के सत्यापन की कार्यवाही नियमित की जाए। जिन लोगों के गलत तरीके से दस्तावेज बने हैं, उनको निरस्त करने की कार्यवाही निरंतर की जाए और गलत प्रमाण पत्र जारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाए। उन्होंने जिला प्रशासन, वन विभाग, एमडीडीए, एवं नगर निगम अतिक्रमण हटाने की भी निरंतर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए।

सीएम धामी ने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के अंतर्गत नागरिकों की समस्याओं का तत्काल समाधान सरकार की प्राथमिकता है। इस अभियान के माध्यम से सरकार जनता के पास पहुंचकर उनकी समस्याओं को सुन रही है और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रही है।

परिवार रजिस्टर, आयुष्मान कार्ड और बिजली कनेक्शन की गहन जांच करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्र नागरिकों को ही मिले। यदि फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।