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नंदा-सुनंदा की भक्ति में डूबा नैनीताल, CM धामी बोले- धार्मिक पर्यटन बढ़ेगा तो युवाओं को रोजगार और स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बाजार

नैनीताल के मां नंदा-सुनंदा महोत्सव में CM पुष्कर सिंह धामी शामिल हुए। उन्होंने मानसखंड मंदिर माला मिशन से लेकर धार्मिक पर्यटन, रोजगार और स्थानीय उत्पादों के बाजार तक पर बात की। 
Pushkar Singh Dhami

मां नंदा-सुनंदा महोत्सव में मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शामिल हुए। उन्होंने मां नंदा-सुनंदा की आरती कर उत्तराखंड की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान सीएम ने धार्मिक पर्यटन को स्थानीय रोजगार से जोड़ते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से युवाओं के लिए रोजगार के नए मौके बनेंगे, महिलाओं को स्वरोजगार मिलेगा और स्थानीय उत्पादों के लिए बड़ा बाजार तैयार होगा।

सीएम धामी ने कहा कि, “नंदा देवी महोत्सव केवल एक मेला नहीं, बल्कि उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं का उत्सव है। मां नंदा-सुनंदा के स्वागत से लेकर लोकगीत, झोड़ा-चांचरी और ढोल-दमाऊं जैसी परंपराएं इस महोत्सव के जरिए जीवंत होती हैं।”

नैना देवी से कैंची धाम तक धार्मिक पर्यटन पर फोकस

सीएम ने नैनीताल को पर्यटन के साथ आस्था और अध्यात्म की धरती बताते हुए मां नैना देवी मंदिर, हनुमानगढ़ी, कैंची धाम और मुक्तेश्वर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि “सरकार ‘विकास भी और विरासत भी’ के मंत्र के साथ उत्तराखंड को आगे बढ़ा रही है।”

कुमाऊं में मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत प्रमुख धार्मिक स्थलों को विकसित किया जा रहा है। सीएम के मुताबिक नैना देवी, कैंची धाम और मुक्तेश्वर जैसे धार्मिक स्थलों पर सुविधाएं बढ़ने से धार्मिक पर्यटन को गति मिलेगी। इसका सीधा फायदा आसपास के लोगों को भी मिलेगा।

उन्होंने कहा कि, “धार्मिक पर्यटन बढ़ने पर स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। स्वयं सहायता समूहों और स्वरोजगार से जुड़ी महिलाओं के उत्पाद ज्यादा लोगों तक पहुंच सकेंगे।” आगे सीएम ने बताया कि सरकार महिलाओं को ऐसी जगह उपलब्ध कराने पर भी काम कर रही है, जहां वे अपने उत्पाद उचित कीमत पर बेच सकें। महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए पांच लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण की व्यवस्था का भी उन्होंने जिक्र किया।

जमीन और उत्तराखंड की पहचान का भी किया जिक्र

महोत्सव के मंच से सीएम धामी ने राज्य के भूमि कानून की भी बात की। उन्होंने कहा कि विकास के साथ उत्तराखंड की जमीन, संसाधनों और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा भी जरूरी है। वर्ष 2025 में किए गए बदलाव के तहत राज्य के 11 पर्वतीय जिलों में दूसरे राज्यों के लोगों के कृषि और उद्यान श्रेणी की जमीन खरीदने पर रोक का प्रावधान किया गया है। सीएम ने समान नागरिक संहिता का भी जिक्र किया और इसे महिलाओं के अधिकारों से जोड़ा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में UCC 27 जनवरी 2025 से लागू है।

सरकारी नौकरियों को लेकर पूछा सवाल, भीड़ ने दिया ‘35 हजार’ जवाब

युवाओं और रोजगार की बात करते हुए सीएम ने नकल विरोधी कानून का जिक्र किया। इसी दौरान उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से पूछा कि पिछले पांच वर्षों में कितने युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं। इस पर जनसमूह की ओर से ‘35 हजार’ का जवाब आया। सीएम ने कहा कि अब तक 35 हजार युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर मिला है।

कार्यक्रम के आखिर में सीएम धामी मां नंदा-सुनंदा की आरती में शामिल हुए। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की और महोत्सव के आयोजन से जुड़े लोगों को शुभकामनाएं दीं।

Manisha Kumari Pandey
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