
उत्तराखंड में हाल ही में आई आपदा के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों के प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने पहुंचे। सीएम ने तालजामण, डूंगर, बड़ेथ, जौला, कमद, उछोला, छेनागाड़ और पाट्यू जैसे गांवों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह प्रभावितों के साथ खड़ी है और किसी को भी राहत से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। सीएम ने अधिकारियों को 30 सितंबर तक अलर्ट मोड पर रहकर आपदाओं से निपटने को तैयार रहने के निर्देश दिए।
अफसरों की बैठक और समीक्षा
हवाई सर्वेक्षण के बाद मुख्यमंत्री रुद्रप्रयाग पहुंचे और जिला पंचायत सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में राहत एवं बचाव कार्यों, विद्युत, पेयजल, चिकित्सा और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति पर चर्चा की गई। सीएम ने मोटर मार्गों की स्थिति की समीक्षा की और केदारनाथ धाम यात्रा सीजन के दूसरे चरण की तैयारियों की भी जानकारी ली। उन्होंने साफ कहा कि आपदा से प्रभावित हर परिवार तक तुरंत सहायता पहुंचनी चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम ने दी आपदा की विस्तृत जानकारी
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने मुख्यमंत्री को आपदा से प्रभावित क्षेत्रों की संपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 28 अगस्त की आपदा के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया और राहत शिविरों में रहने, भोजन, कंबल, टेंट, टॉर्च और दवाओं की सुविधा दी गई। मेडिकल कैंप भी लगाए गए और हेली सेवा के जरिए प्रसव पीड़िताओं को अस्पताल तक पहुंचाया गया। उन्होंने सड़क, पेयजल योजनाएं, बिजली के पोल और ट्रांसफार्मर, कृषि भूमि, निजी संपत्ति और पशुधन की हुई क्षति की जानकारी भी साझा की।
जनप्रतिनिधियों ने जताया आभार
विधायक भरत सिंह चौधरी और आशा नौटियाल ने आपदा के समय त्वरित कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में सड़क निर्माण, आपदा से हुई क्षति और अन्य समस्याओं को भी मुख्यमंत्री के सामने रखा। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों को हर संभव मदद मिलेगी और राज्य सरकार पूरी गंभीरता से स्थिति से निपट रही है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए सभी इंतजाम प्राथमिकता से किए जाएंगे।
