PM Dehradun Visit: अतिथि गृह तक आवाजाही के लिए पहली बार खोला गया नया गेट, यही मिलेंगे लोगों से प्रधानमंत्री

PM Dehradun Visit: अतिथि गृह तक आवाजाही के लिए पहली बार खोला गया नया गेट, यही मिलेंगे लोगों से प्रधानमंत्री

देहरादून एयरपोर्ट पर पहली बार वीवीआईपी आवाजाही के लिए नया रास्ता तैयार किया गया है। स्टेट गेस्ट हाउस तक सीधे पहुंचने के लिए एयरपोर्ट टोल बैरियर के पास नया गेट और सड़क बनाई गई है। इससे अब सुरक्षा जांच में लगने वाले समय से बचा जा सकेगा। प्रधानमंत्री आपदा प्रभावितों और आपदा वीरों से इसी नए मार्ग से मिलेंगे। साथ ही गेस्ट हाउस के पास बड़ा पंडाल बनाया जा रहा है, जहां प्रधानमंत्री अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इस नई व्यवस्था से अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों को राहत मिली है और आवाजाही आसान हो गई है।

नया गेट और मार्ग की तैयारियां

गेस्ट हाउस तक आवाजाही के लिए बनाए गए नए गेट के पास पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा दलों ने पूरी तैयारी कर ली है। टोल बैरियर से पहले दाहिनी तरफ कोठारी मोहल्ले की ओर नया मार्ग बनाया गया है, जो सीधे स्टेट गेस्ट हाउस तक जाता है। इससे पहले एयरपोर्ट टर्मिनल से पास बनवाकर, सुरक्षा जांच पूरी कर ही गेस्ट हाउस तक पहुंचा जाता था, जिसमें काफी समय लग जाता था। अब एयरपोर्ट बाउंड्री के बाहर से ही अधिकारियों और वीवीआईपी को सीधे गेस्ट हाउस तक ले जाया जाएगा, जिससे सुरक्षा प्रक्रियाएं आसान और तेज़ हो गई हैं।

पार्किंग की व्यवस्था

नई सड़क बनने के बाद अधिकारियों और सुरक्षा जवानों के वाहनों के लिए पार्किंग की जगह की तलाश की गई। कोठारी मोहल्ले में पुलिस ने जेसीबी से झाड़ियां हटाकर जगह खाली करवाई ताकि वाहनों को व्यवस्थित रूप से खड़ा किया जा सके। इस तैयारी का उद्देश्य था कि आपदा प्रभावितों से मिलने आने वाले अधिकारी और सुरक्षा दल बिना परेशानी के अपने वाहन पार्क कर सकें। इससे पहले पार्किंग के लिए जगह की कमी रहती थी और लंबा इंतजार करना पड़ता था। अब नए मार्ग के साथ पार्किंग की व्यवस्था भी पूरी की जा रही है ताकि आवाजाही सुचारु बनी रहे।

आवाजाही में आई राहत

कोतवाल डोईवाला कमल कुमार लुंठी ने बताया कि अब स्टेट गेस्ट हाउस तक सीधे नए गेट और सड़क के जरिए आवाजाही की जाएगी। पहले एयरपोर्ट टर्मिनल से पास बनवाकर और सुरक्षा जांच के बाद ही गेस्ट हाउस तक पहुंचा जाता था, जिसमें समय अधिक लगता था। लेकिन अब एयरपोर्ट की बाउंड्री के बाहर से ही आवाजाही संभव है। इससे वीवीआईपी से मिलने आने वालों का समय बचेगा और सुरक्षा जांच भी आसान होगी। इस नए रास्ते से प्रशासन को भी व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिल रही है और आपदा प्रभावितों तक मदद जल्दी पहुंच सकेगी।

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