
पीएम मोदी और सीएम धामी
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में बादल फटने की विनाशकारी घटना ने प्रदेश को एक बार फिर प्राकृतिक आपदा की त्रासदी से रूबरू कराया। भारी बारिश और मलबे के कारण कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। दर्जनों मकान और होमस्टे प्रभावित हुए हैं। राहत की बात यह रही कि समय रहते रेस्क्यू टीमों ने मोर्चा संभाल लिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए कहा कि घटना स्थल पर बचाव कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीमें राहत कार्यों में जुटी हैं। उन्होंने बताया कि करीब 70 से 80 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।
चट्टान गिरने से हरिद्वार-मोतीचूर खंड बाधित
हरिद्वार-देहरादून रेल मार्ग पर हरिद्वार-मोतीचूर खंड के बीच एक भारी चट्टान ट्रैक पर गिर गई। हालांकि रेलवे द्वारा पहले से सुरक्षा छतरी बनाए जाने के चलते कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। कोई हताहत नहीं हुआ है, और उत्तर रेलवे ने पुष्टि की है कि मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। जल्द ही यातायात बहाल कर दिया जाएगा। आईटीबीपी ने अपनी तत्परता दिखाते हुए धराली में बाढ़ से प्रभावित 37 ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। इसमें 22 पुरुष, 11 महिलाएं और 4 बच्चे शामिल हैं। बचाए गए लोगों को प्राथमिक उपचार भी दिया गया। ये ग्रामीण अब ITBP की बीओपी कोपांग में सुरक्षित हैं। इसी के साथ 160 से अधिक पुलिसकर्मी, 10 वरिष्ठ अधिकारी और 3 एसपी स्तर के अधिकारी राहत व बचाव में सहयोग कर रहे हैं। इसके अलावा तीन नोडल अधिकारियों को भी धराली क्षेत्र में तैनात किया गया है।
केंद्र देगा हर संभव मदद
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर बात करते हुए केंद्र की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। गृह मंत्री अमित शाह ने भी उत्तराखंड को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया है। सीएम धामी ने कहा कि- “हमारी प्राथमिकता है कि बिजली, पानी, इंटरनेट जैसी मूलभूत सुविधाएं जल्द से जल्द बहाल की जाएं। कुछ टावर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे संचार व्यवस्था प्रभावित हुई है, लेकिन उस पर तेजी से काम चल रहा है। कोई भी पीड़ित सरकार की नजर से दूर नहीं रहेगा।” केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी घटना को “दुखद” बताया और कहा कि केंद्र सरकार इस संकट की घड़ी में पूरी तरह राज्य के साथ खड़ी है।
स्कूलों में अवकाश, मौसम विभाग की चेतावनी
भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने राज्य के 7 जिलों चंपावत, पौड़ी, उधम सिंह नगर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चमोली और रुद्रप्रयाग में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने का निर्णय लिया है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे तक भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे राहत कार्यों में बाधा उत्पन्न हो सकती है। धराली में आई आपदा ने एक बार फिर यह बता दिया कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज कैसे जिंदगी को अचानक बदल सकता है। हालांकि इस बार रेस्क्यू ऑपरेशन में त्वरित प्रतिक्रिया और केंद्र-राज्य के संयुक्त प्रयासों ने काफी हद तक स्थिति को नियंत्रित करने में मदद की है। आने वाले दिनों में बचाव, पुनर्वास और पुनर्निर्माण की चुनौती सामने होगी, जिसके लिए सरकार ने पूरी तैयारी का दावा किया है।
