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मुख्यमंत्री धामी ने नेशनल पैरालंपिक पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप का किया उद्घाटन, कहा- ‘यह खेल साहस और आत्मविश्वास का प्रतीक’

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को रुड़की स्थित कोर यूनविर्सिटी में आयोजित नेशनल पैरालंपिक पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप का वर्चुअल उद्घाटन किया।
मुख्यमंत्री धामी ने नेशनल पैरालंपिक पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप का किया उद्घाटन, कहा- ‘यह खेल साहस और आत्मविश्वास का प्रतीक’

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को रुड़की स्थित कोर यूनविर्सिटी में आयोजित नेशनल पैरालंपिक पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप का वर्चुअल उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों को संबोधित कर उनका हौसला बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दशक में भारत के खेल इतिहास में बहुत बड़ा बदलाव आया है और यह समय भारतीय खेलों के लिए एक सुनहरा अध्याय बन गया है।

उन्होंने कहा कि सच्ची शक्ति विचारों में निहित होती है, शरीर में नहीं, और दिव्यांगता सीमाएं नहीं बल्कि असीम संभावनाओं का प्रतीक है। आज हमारे दिव्यांग खिलाड़ी अपने अदम्य साहस, प्रतिभा और परिश्रम के बल पर संपूर्ण विश्व में भारत का गौरव बढ़ा रहे हैं।

कार्यक्रम में खेल रत्न पद्श्री डॉ. दीपा मलिक, पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के महासचिव जयवंत हम्मुनावा, इंडिया पैरा पावर लिफ्टिंग के चेयरपर्सन जेपी सिंह, पैरा राव लिफ्टिंग के उपाध्यक्ष शुभम चौधरी, कोर यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जेसी जैन, पैरालंपिक पावर लिफ्टर परमजीत कुमार, अशोक, कस्तूरी उपस्थित थे।

यह चैंपियनशिप साहस और आत्मविश्वास का प्रतीक

रुड़की में COER यूनिवर्सिटी में वर्चुअल मोड से हुए उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह चैंपियनशिप सिर्फ एक खेल इवेंट नहीं है, बल्कि भारत की उस जबरदस्त इच्छाशक्ति का जश्न है जो हर रुकावट को चुनौती और हर चुनौती को मौके में बदल देती है। उन्होंने कहा कि पावरलिफ्टिंग अनुशासन, धैर्य, साहस और आत्मविश्वास का प्रतीक है। यह खेल सिर्फ ताकत के बारे में नहीं है, बल्कि लचीलेपन और आत्म-सम्मान का एक अनोखा उदाहरण है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री का खेलों के प्रति प्रेम का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनके नेतृत्व में भारत का खेल बजट पहले के मुकाबले तीन गुणा बढ़ चुका है। केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई “खेलो इंडिया” मुहिम देश के प्रत्येक हिस्से से विभिन्न खेल प्रतिभाओं को आगे लाने में कामयाब हो रही है।

उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन सरकार भी उत्तराखंड में आधुनिक एवं समावेशी खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को निरंतर सुदृढ़ कर रही है। इसी प्रतिबद्धता का परिणाम है कि आज देवभूमि उत्तराखंड में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन हो रहा है और प्रदेश तेजी से खेलों का उभरता केंद्र बन रहा है।

भारतीय खेलों का स्वर्णिम अध्याय बना यह दशक- सीएम धामी

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बीते एक दशक में भारत के खेल इतिहास में अभूतपूर्व बदलाव आया है। यह दशक भारतीय खेलों का स्वर्णिम अध्याय बन चुका है। भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार अपनी सीमाओं को तोड़ते हुए दुनिया को दिखाया है कि भारत अब केवल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाला देश नहीं रह गया है, आज का “नया भारत” मुकाबला जीतने के लिए खेलता है। इस परिवर्तन के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्पष्ट सोच और मजबूत नीति रही है।