सरकारी कागजों में जीवित व्यक्ति को बता दिया मृत, पीड़ित ने कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार

सरकारी कागजों में जीवित व्यक्ति को बता दिया मृत, पीड़ित ने कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार

Vidisha News: विदिशा से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां पर एक व्यक्ति असलियत में तो जिंदा है लेकिन उसे सरकारी कागजों पर मृत घोषित कर दिया गया है। इस वजह से उसे किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा। वो हर जगह खुद को कागजों में जिंदा करने की गुहार लगा रहा है।

ये मामला विदिशा के देवखजूरी का है, यहां रहने वाले खिलान सिंह को अपने जिंदा होने का सबूत लेने के लिए दर दर की ठोकरें खानी पड़ रही है। हर जगह शिकायत करने के बावजूद भी उसे कोई मदद नहीं मिल पा रही है, जिसके चलते वह बहुत परेशान है।

खिलान सिंह ने कलेक्टर से भी गुहार लगाते हुए खुद के जीवित होने का प्रमाण पत्र दिए जाने की बात कही है। पीड़ित व्यक्ति ने यह भी बताया है कि उसके साथ यह सबकुछ जानबूझकर किया गया है। उसने देवखजूरी की जीआरएस आरती शर्मा पर जानबूझकर यह सब करने का आरोप लगाया है, क्योंकि महिला ने पीड़ित से रिश्वत मांगी थी।

समग्र पोर्टल पर खिलान सिंह के नाम के आगे मृत्यु का उल्लेख किया गया है। जिस वजह से पीएम आवास सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उसे नहीं मिल पा रहा है। मामला पता लगने के बाद कलेक्टर ने जांच करने की बात कही है। कलेक्टर का कहना है कि अगर रिश्वत का आरोप सही होगा तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
Diksha Bhanupriy

10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
Follow Us :GoogleNews