अशोकनगर: 9 साल बाद हत्या के आरोपियों को मिली आजीवन कारावास की सजा, जानें पूरा मामला

अशोकनगर: 9 साल बाद हत्या के आरोपियों को मिली आजीवन कारावास की सजा, जानें पूरा मामला

अशोकनगर, अलीम डायर। अशोकनगर (Ashoknagar) में करीब 9 साल के लंबे इंतजार के बाद हत्या के आरोपियों को सजा मिली। न्यायधीश ने आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मुंगावली न्यायालय अपर लोक अभियोजक श्री वी,एस, लोधी ने बताया की 3 नवंबर, 2013 को सोनाई के राजेश ने देहाती तालमी लेख कराई की वह और उसके भाई चंद्रपाल और अर्जुन खेत पर बोवनी कर रहे थे। तभी आरोपी नथन सिंह राजविंद बलराम, अरविंद चाली राजा, राजाबाबू उदल सिंह, छोटे राजा  और कृष्ण प्रताप एक साथ आए और उनसे गली-गलोज करने लगे।

यह भी पढ़े… Kawasaki की धांसू बाइक जल्द लेगी भारत में एंट्री, कंपनी ने किया कन्फर्म, यहाँ जानें नाम और कीमत

बात आगे बढ़ने लगी और अरविंद ने गोली चलाई, जो चंद्रपाल को सीने में लगी और उसकी मौत हो गई। वहीं राजा ने गोली अर्जुन के दाहिने हाथ में गोली मारी थी। और राजा बाबू ने फरियादी राजेश को गोली मारी थी, गोली दाहिने कंधे में लगी। लेकिन आरोपी बलराम की गोली ने चंद्रपाल की जान ले ली। देहाती तालमी पर से थाना मुंगावली में अपराध क्रमांक 287/13, धारा 302, 307, 147, 148,149 के तहत शिकायत दर्ज की गई और जिसके बाद जांच भी हुई।

यह भी पढ़े… Teacher Recruitment: यहाँ निकली 1300 पदों पर भर्ती, 1 अक्टूबर से पहले करें आवेदन

विवेचना के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ उक्त अपराध धाराओं में 25 – 27 आयुध अधिनियम में अभियोग पत्र पेश किया गया। न्यायालय में विचार-विमर्श के बाद बेंच के अधिकारी श्री अवधेश कुमार, जी श्रीवास्तव,  प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय मुंगावली द्वारा सभी आरोपियों को दोषी करार करते हुए दंड संहिता की धारा 302,307 149 के तहत आजीवन कारावास और जुर्माना की सजा सुनाई गई।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews