Astrology: ये 9 फल चमका सकते हैं किस्मत, ग्रहों से होता है खास कनेक्शन, डाइट में करें शामिल

फलों का ग्रहों से खास संबंध होता है। डाइट में ग्रहों के अनुसार फलों को शामिल करके भाग्य के द्वार भी खोले जा सकते हैं। आइए जानें कौन-सा फल किस ग्रह से जुड़ा है?
food astrology

Astrology, Fruits And Planets Connection: फलों को सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। विभिन्न प्रकार के फल शरीर में पोषक तत्वों की कमी को पूरा करते हैं। फलों में सिर्फ सेहत का ही नहीं बल्कि सुख-समृद्धि का राज भी छुपा होता है। कुछ ऐसे फल हैं, जिनका कनेक्शन ग्रहों और नक्षत्रों से होता है। ये कुंडली में ग्रहों की दिशा और दशा को भी प्रभावित करते हैं। ग्रहों के अशुभ प्रभाव को भी खत्म कर सकते हैं।

सूर्य

ग्रहों के राजा सूर्य का कनेक्शन फलों के राजा आम से होता है। सूर्य को सम्मान, सफलता, हृदय, आत्मा, पिता इत्यादि का कारक माना जाता है। आम से रस का सेवन करने से सूर्य का बुरा प्रभाव कम होता है। इसके अलावा सूर्य का संबंध टमाटर, अनार और चकुंदर से भी होता है।

गुरु

भाग्य, ज्ञान, विवाह, धन इत्यादि के कारक देवो के गुरु बृहस्पति का संबंध केले से होता है। पपीता, संतरा और नारंगी का भी गुरु से नाता होता है।

चंद्रमा

चंद्रमा को मन, माता, मनोबल इत्यादि का कारक माना जाता है। गन्ने, खरबूज, लीची इत्यादि से चंद्रमा का खास कनेक्शन होता है।

मंगल

वीरता, साहस, शौर्य, रक्त, पराक्रम इत्यादि के कारक मंगल का संबंध लाल रंग के फलों से होता है। टमाटर, अनार और चकुंदर का सेवन करने से मंगल दोष खत्म होता है।

शुक्र

लग्जरी, धन, वैभव, लक्ष्मी, प्रेम सौन्दर्य इत्यादि के कारक शुक्र का संबंध लीची, मूली और खरबूज से होता है। इन चीजों का सेवन करने से शुक्र के दोष को कम किया जा सकता है।

बुध

ग्रहों के राजा बुध का कनेक्शन हरे रंग के फलों से होता है। नाशपाती को डाइट में शामिल करके बुध के दुष्प्रभाव को कम किया जा सकता है।

शनि, राहु और केतु

वैदिक ज्योतिष शास्त्र में इन तीनों ग्रहों को छाया ग्रह माना गया है। शनि का संबंध सेब और अनार से होता है। राहु-केतु के बुरे प्रभाव को कम करके के लिए काले अंगूर और काले जामुन का सेवन करना चाहिए।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है, जो ग्रंथों, मान्यताओं और विभिन्न माध्यमों पर आधारित है। MP Breaking News इन बातों के सत्यता और सटीकता की पुष्टि नहीं करता।)

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews