Astrology: माता-पिता का अपमान करने से कुंडली में कमजोर होते हैं ये 2 ग्रह, बढ़ती है मुश्किलें, नहीं मिलती सफलता

astrology

Astrology: माता-पिता के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके बिना इस दुनिया में रहना मुश्किल होता है। उन्हें मार्गदर्शन, प्रेम और समर्थन का स्तम्भ माना जाता है। शास्त्रों में भी माता-पिता को ईश्वर का दर्जा दिया गया है। लेकिन कुछ लोगों उनका अपमान करते हैं। उन्हें कड़वे शब्द बोलते और दिल दुखाते हैं। ऐसा करने से रिश्तों पर ही नहीं बल्कि कुंडली में ग्रहों की दशा पर भी प्रभाव पड़ता है। दो बड़े ग्रह माता पिता से संबंधित होते हैं।

माता के साथ बुरा व्यवहार इस ग्रह को करता है कमजोर

चंद्रमा को मन, माता, मानसिक स्थिति, मनोबल और धन-संपत्ति का कारक माना जाता है। माँ का अपमान करने या दुःख पहुंचाने से कुंडली में चंद्र दोष उत्पन्न होता है। जिसके परिणाम स्वरूप में व्यक्ति के जीवन में तनाव बढ़ता है। बीमारियाँ बढ़ती है। सुख-शांति की कमी होने लगती है। आर्थिक तंगी का सामना भी करना पड़ता है।

पिता से होता इस ग्रह का नाता

सूर्य को आत्मा, पिता, मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा और ऊर्जा का कारक माना जाता है। पिता के साथ बुरा व्यवहार करने पर कुंडली में सूर्य की स्थिति खराब होती है। मान-सम्मान भी घटता है। आँख और हृदय से जुड़ी शरीरिक समस्याएं होती हैं। लगातार धनहानी होती है। झूठे आरोप लगते हैं।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है, जो ग्रंथों, मान्यताओं और विभिन्न माध्यमों पर आधारित है। MP Breaking News इन बातों के सत्यता और सटीकता की पुष्टि नहीं करता।)

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews