लापरवाही पर कार्रवाई- बैतूल में पंचायत सचिव निलंबित, सतना में पर्यवेक्षक को नोटिस

mp news

बैतूल/सतना, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बैतूल (Betul) और सतना (Satna) जिले में लापरवाही पर बड़ा एक्शन हुआ है।एक तरफ जहां बैतूल में सीईओ जिला पंचायत एमएल त्यागी ने पंचायत सचिव हरिशंकर रावते को निलंबित करने के आदेश दिए हैं।वही दूसरी तरफ सतना जिले में उपखंड मजिस्ट्रेट मझगवां पीएस त्रिपाठी ने पर्यवेक्षक सुश्री रोशनी चौरसियाअनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए कारण बताओ नोटिस जारी की है।

यह भी पढ़े.. सीएम के संबोधन के पहले मध्य प्रदेश के इन जिलों में बढ़ाया गया कोरोना कर्फ्यू

बैतूल अनुभाग अंतर्गत कोरोना संक्रमण से बचाव के दृष्टिगत साप्ताहिक बाज़ार बंद रखने के आदेश के बावजूद ग्राम कोलगांव में ग्रामवासियों एवं व्यापारियों को रोकने का प्रयास नहीं करने एवं बाज़ार लगा पाए जाने संबंधी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दिए जाने तथा कोविड-19 की गाइड लाइन का उल्लंघन करने के कारण सीईओ जिला पंचायत एमएल त्यागी ने पंचायत सचिव  हरिशंकर रावते को निलंबित करने के आदेश दिए हैं।

वही दूसरी तरफ सतना जिले में उपखंड मजिस्ट्रेट मझगवां पीएस त्रिपाठी ने कोविड-19 नियंत्रण के लिए गठित कंट्रोल रूम में संलग्न एकीकृत बाल विकास परियोजना चित्रकूट क्रमांक-1 मझगवां की पर्यवेक्षक सुश्री रोशनी चौरसिया को कर्तव्य पर उपस्थित नहीं होने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए कारण बताओ नोटिस जारी की है।

यह भी पढ़े.. आज रात प्रदेश को संबोधित करेंगे सीएम शिवराज सिंह, कर सकते है कई बड़े ऐलान

पर्यवेक्षक सुश्री चौरसिया को जनपद पंचायत मझगवां के कोरोना कंट्रोल रूम में 22 अप्रैल से ड्यूटी में संलग्न किया गया था। किंतु पर्यवेक्षक द्वारा शनिवार तक अपनी उपस्थिति नहीं देने पर एसडीएम श्री त्रिपाठी ने पदीय कर्तव्यों के विपरीत आचरण और वरिष्ठ अधिकारी के आदेशों की अवहेलना मानते हुए पर्यवेक्षक को अनुपस्थित दो दिवस का वेतन काटते हुए अनुशासनात्मक कार्यवाही का नोटिस जारी किया है। जारी नोटिस में पर्यवेक्षक को तीन दिवस के भीतर समाधान कारक जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया है अन्यथा एक पक्षीय कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
Follow Us :GoogleNews