बैतूल शहर की पानी सप्लाई से जुड़ी ताप्ती बैराज की 22 किलोमीटर लंबी मेन पाइपलाइन में लीकेज आठ दिन से ज्यादा समय बाद भी ठीक नहीं हुआ है। खेड़ी के जंगल में कन्हैया कोल और क्रेशर के पास दो जगहों से लगातार पानी बह रहा है। रोज करीब 50 लाख लीटर पानी शहर के लिए पंप किया जाता है, लेकिन करीब 5 लाख लीटर पानी रास्ते में ही बर्बाद हो रहा है।
नगर पालिका अब इस समस्या को सिर्फ लीकेज बंद करके नहीं, बल्कि स्थायी तरीके से ठीक करने की तैयारी में है। इसके लिए लीकेज वाले हिस्से पर पक्का स्ट्रक्चर बनाने की योजना है। काम के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है और इसे पूरा होने में करीब आठ दिन और लगने की बात कही जा रही है। तब तक पानी की बर्बादी जारी रहने की संभावना है।
ताप्ती बैराज पाइपलाइन से रोज 50 लाख लीटर पानी की सप्लाई
बैतूल शहर की पानी सप्लाई के लिए ताप्ती बैराज से रोज करीब 50 लाख लीटर पानी पंप किया जाता है। यह पानी करीब 22 किलोमीटर लंबी मेन पाइपलाइन के जरिए शहर तक पहुंचता है। लेकिन खेड़ी के जंगल के पास पाइपलाइन में लीकेज होने के कारण पानी का एक बड़ा हिस्सा रास्ते में ही निकल रहा है। नगर पालिका के अनुसार, रोज करीब 5 लाख लीटर पानी लीकेज के कारण बर्बाद हो रहा है।
दो जगहों से तेज दबाव के साथ निकल रहा पानी
पाइपलाइन में पानी का दबाव नियंत्रित करने के लिए एयर वॉल्व लगाए गए हैं। फिलहाल लीकेज की समस्या इन्हीं वॉल्व के आसपास बताई जा रही है। खेड़ी के जंगल में दो अलग-अलग स्थानों से लगातार पानी बाहर निकल रहा है। पानी तेज दबाव के साथ बहने के कारण आसपास के जंगल में बड़ी मात्रा में पानी जमा हो रहा है।
आठ दिन से नहीं रुका पानी का बहाव
खेड़ी निवासी समाजसेवी मनोहर अग्रवाल के मुताबिक, पाइपलाइन में लीकेज आठ दिन से ज्यादा समय से बना हुआ है। दो स्थानों से लगातार पानी निकल रहा है और दबाव ज्यादा होने के कारण पानी तेजी से बहता दिखाई देता है। लंबे समय से जारी इस लीकेज को लेकर पानी की बर्बादी चिंता का विषय बनी हुई है।






