मजदूरों पर लाठीचार्ज पर भड़के BJP विधायक, बोले- ‘संवेदनहीन हुई पुलिस, CM कड़ी कार्रवाई करें’

मजदूरों पर लाठीचार्ज पर भड़के BJP विधायक, बोले- ‘संवेदनहीन हुई पुलिस, CM कड़ी कार्रवाई करें’

भोपाल| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रीवा (Rewa) में चाकघाट बॉर्डर पर भूखे प्यासे मजदूरों पर पुलिस (Police) द्वारा लाठीचार्ज का मामला गरमाया हुआ है| इसको लेकर विपक्ष के नेता अब तक सरकार को घेर रहे थे| अब भाजपा के विधायक नारायण त्रिपाठी (Narayan Tripathi) ने लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाये हैं| साथ ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है|

विधायक त्रिपाठी ने पुलिस द्वारा मजदूरों पर लाठीचार्ज की निंदा की| उन्होंने कहा कोरोना संकट के इस दौर में पुलिस के पास सेवा करके अच्छी छवि बनाने का मौक़ा था, लेकिन इस समय विंध्य क्षेत्र में पुलिस की स्थितियां बेहद गंभीर है, यह लोग बेहद संवेदनहीन हैं| उन्होंने कहा जिस तरह इनकी वर्किंग है आपत्तिजनक है| जिस समय संवेदना के साथ लोगों की मदद करना चाहिए थी| ऐसे समय में लाठीचार्ज करना बर्बरता पूर्ण है|

नारायण त्रिपाठी ने कहा मजदूर पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करते हुए सस्पेंड किया जाना चाहिए| वहीं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ भी मुख्यमंत्री को सख्त कार्रवाई करना चाहिए| त्रिपाठी ने चेतावनी देते हुए कहा अगर कार्रवाई नहीं होती है तो पुलिस के खिलाफ किसी भी स्थिति तक जा सकते हैं, जरुरत हुई तो धरना आंदोलन करने के लिए भी मैं तैयार हूँ|

गौरतलब है कि बीती रात चाकघाट बॉर्डर पर पुलिस ने पलायन कर रहे मजदूरों को रोका| देखते ही देखते यहां हजारों की भीड़ जमा हो गई| ऐसे में खाने की मांग करते हुए मजदूरों ने नारेबाजी शुरू कर दी| हाइवे पर चक्काजाम लगा दिया| घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल पहुंचा और पुलिस ने भूखे मजदूरों पर लाठीचार्ज कर दिया| जिसके वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुए हैं|

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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