कमलनाथ के खिलाफ FIR के लिए कृषिमंत्री ने DGP को लिखी ‘चिट्ठी’

कमलनाथ के खिलाफ FIR के लिए कृषिमंत्री ने DGP को लिखी ‘चिट्ठी’

भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamalnath) की मुश्किलें बढ़ गई है| आरोप है कि पिछले दिनों छिंदवाड़ा (Chhindwara) में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए उनके द्वारा अनुसूचित जाति के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया| कमलनाथ के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रदेश के कृषिमंत्री कमल पटेल (Kamal Patel) ने डीजीपी (DGP) को पत्र लिखा है| इससे पहले छिंदवाड़ा में भाजपा जिला अध्यक्ष विवेक बंटी साहू एसपी को ज्ञापन सौंप कर कार्रवाई की मांग कर चुके हैं|

कृषि मंत्री पटेल ने पत्र में कहा कि जिले में सिंचाई विभाग में हुए करोड़ों के घोटाले के संबंध में 27 मई को छिंदवाड़ा में पत्रकार वार्ता के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से मीडिया के द्वारा उक्त घोटाले के संबंध में सवाल किए जाने पर कमलनाथ के द्वारा दिए गए जवाब में अनुसूचित जाति के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया| उन्होंने आगे लिखा कमलनाथ के द्वारा अनुसूचित जाति के प्रति की गई अपमानजनक टिप्पणी से प्रदेश के समस्त अनुसूचित जाति वर्ग के सम्मान को ठेस पहुंची है|

उन्होंने लिखा जिले के अनुसूचित जाति वर्ग के द्वारा पुलिस अधीक्षक छिंदवाड़ा तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति तथा छिंदवाड़ा थाने को कमलनाथ के विरुद्ध कार्रवाई के लिए आवेदन दिए गए हैं| उनकी प्रति भी मंत्री ने पत्र के साथ सलग्न की है| उन्होंने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा की गई अनुसूचित जाति समाज के प्रति अपमानजनक टिप्पणी के लिए उनके विरुद्ध नियमानुसार जांच कर एफ आई आर दर्ज करवाते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए|

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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