MP सरकार की बड़ी पहल: दूसरे राज्यों से हजारों मजदूर हुए रवाना, गुजरात से सबसे अधिक

MP सरकार की बड़ी पहल: दूसरे राज्यों से हजारों मजदूर हुए रवाना, गुजरात से सबसे अधिक
कोरोना वायरस महामारी के चलते मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में रहने वाले कई सारे मजदूर दूसरे राज्यों में फंसे है, वहीं देशभर में कोरोना महामारी से निपटने के लिए लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ा दिया गया है।  इस बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने अब एक बड़ा कदम उठाया है, मजदूरों को सही सलामत उनके घरों तक पहुचाने के लिए उन्होनें अब उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्‍ट्र, राजस्‍थान के मुख्यमंत्रियों से बातचीत की है। इस बीच अच्छी खबर यह है कि 2 हज़ार से ज्यादा मजदूर अब तक गुजरात से मध्यप्रदेश अपने घर वापस लौट चुके है। राज्य के झाबुआ ज़िले के पिटोल बार्डर पर मजदूरों के पहुचने का सिलसिला लगातार जारी हैं। कुल मिलाकर 17 बसें गुजरात से मजदूरों को लेकर यहां पहुच चुकी है। बॉर्डर पर पहुचते ही सभी मजदूरों का स्वास्थय परिक्षण भी किया जा रहा हैं।

वहीं दूसरी ओर राजस्थान से भी मजदूरों के आने का सिलसिला लगातार जारी हैं। अन्य राज्यों से भी मजदूरों को वापस बुलाए जाने का प्रयास किया जा रहा है। शिवराज सरकार का कहना है कि सभी मजदूरों के प्रदेश वापस लोटते ही उन्हें क्वारेंटाइन किया जाएगा, सभी मजदूरों की स्क्रीनिंग स्वास्थय परिक्षण द्रारा करवाई जाएगी जिसके बाद उन्हें होम क्वारेंटाइन किया जाएगा। इस बीच सरकार का यह भी कहना है कि आवश्यकता होने पर वापस लौटे मजदूरों को गांव के बाहर बने केन्द्र में भी रखा जा सकता है। सरकार ने गांव वालों से अनुरोध किया है कि वह इस मुश्किल घड़ी में अपने मजदूर भाइयों का सहयोग करें।

मध्यप्रदेश सरकार की तरफ से अब ई-पास की व्यवस्था भी की गई हैं, इसका फायदा उन परिवारों को मिल सकेगा जिनके बच्चे अन्य राज्यों के अन्य जिलों में हैं। ई-पास के लिए लिंक भी सरकार ने जारी कर दिया है- https://mapit.gov.in/covid-19/ इस लिंक का इस्तेमाल कर वह अपने घर लौट सकेंगे।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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