कांग्रेस ने लगाया मध्यप्रदेश में संगठित जीएसटी चोरी का आरोप, उमंग सिंघार ने निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर की जांच की मांग

नेता प्रतिपक्ष ने केंद्रीय वित्त मंत्री को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि विभिन्न राज्यों से बिना उचित जीएसटी भुगतान के माल बड़े पैमाने पर मध्यप्रदेश लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस संगठित नेटवर्क के कारण केंद्र और राज्य सरकार दोनों को हर वर्ष हजारों करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
Umang Singhar

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कांग्रेस ने मध्यप्रदेश में संगठित जीएसटी चोरी के आरोप लगाए हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के राज्यों से आयरन सामग्री, निर्माण सामग्री, मसाले आदि वस्तुओं का बड़े पैमाने पर परिवहन बिना उचित जीएसटी भुगतान के मध्यप्रदेश में किया जा रहा है, जिससे केंद्र और राज्य सरकार को हजारों करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हो रहा है।

उन्होंने पत्र में उन्होंने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों और प्रमुख औद्योगिक जिलों से प्राप्त जानकारी के आधार पर एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है। इसमें फर्जी या हेरफेर किए गए ई-वे बिल, अंडर-इनवॉइसिंग (माल की मात्रा और मूल्य कम दिखाना) जैसी गंभीर अनियमितताएं शामिल हैं। उनका आरोप है कि बिचौलियों और परिवहन चैनलों के माध्यम से यह पूरा तंत्र संचालित हो रहा है।

उमंग सिंघार ने निर्मला सीतारमण को लिखा पत्र

उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश में संगठित तरीके से जीएसटी चोरी का आरोप लगाते हुए निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर पूरे मामले की केंद्रीय स्तर पर व्यापक जांच कराने और दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि विभिन्न राज्यों से मध्यप्रदेश में बड़े पैमाने पर संगठित तरीके से जीएसटी चोरी का एक नेटवर्क संचालित हो रहा है। उन्होंने लिखा है कि मध्यप्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों और प्रमुख औद्योगिक जिलों से प्राप्त विस्तृत जानकारी के आधार पर यह मामला केंद्र सरकार के संज्ञान में लाना आवश्यक हो गया है।

संगठित तरीके से जीएसटी चोरी के आरोप लगाए

इस पत्र में उल्लेख किया गया है कि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के कई राज्यों से आयरन सामग्री, निर्माण सामग्री और मसालों सहित विभिन्न व्यापारिक वस्तुएं ट्रकों के माध्यम से बड़े पैमाने पर मध्यप्रदेश लाई जा रही हैं और पूरे प्रदेश में वितरित की जा रही हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। बड़ी मात्रा में माल का परिवहन फर्जी या हेरफेर किए गए ई-वे बिल के माध्यम से किया जा रहा है। कई मामलों में माल की वास्तविक मात्रा और कीमत कम दिखाकर अंडर-इनवॉइसिंग की जाती है, जिससे देय जीएसटी का भुगतान कम हो सके।

जांच की मांग 

उमंग सिंघार ने यह भी कहा है कि संगठित तरीके से काम करने वाले बिचौलियों और परिवहन नेटवर्क के माध्यम से यह पूरा तंत्र संचालित किया जा रहा है, जो बिना कर भुगतान के विभिन्न राज्यों से मध्यप्रदेश तक माल पहुँचाने की व्यवस्था करते हैं। अपने पत्र में उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों के कारण भारत सरकार और मध्यप्रदेश सरकार दोनों के जीएसटी राजस्व को हर वर्ष हजारों करोड़ रुपये की संभावित हानि हो रही है और इसके पुख्ता प्रमाण भी मौजूद हैं। नेता प्रतिपक्ष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री से आग्रह किया है कि इस पूरे प्रकरण की केंद्रीय स्तर पर व्यापक और निष्पक्ष जांच कराई जाए और इसमें शामिल संगठित नेटवर्क, परिवहन चैनलों और संबंधित संस्थाओं की भूमिका की गहन पड़ताल की जाए।

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Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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