बंगला विवाद पर भड़के पूर्व मंत्री, कहा – BJP जैसी भेदभाव करने वाली पार्टी कोई नहीं

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भोपाल।

मध्यप्रदेश में कोरोना संकटकाल के बीच प्रदेश में बंगले के ऊपर राजनीति शुरू हो गई है। जिस पर अब कांग्रेस(congress) के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा(sajjan singh verma) ने बीजेपी सरकार(bjp government) पर जमकर हमला बोला है। सज्जन सिंह वर्मा ने कहा है कि हम विधायक हैं, हमें दूसरा बंगला आवंटित किए बिना बंगला खाली करने का सरकार नोटिस कैसे भेज सकती है। हमें बंगले का मोह नहीं है। सज्जन सिंह वर्मा ने बीजेपी(bjp) पर आरोप लगाते हुए ये भी कहा है कि संसार में कोई भी दल इतना भेदभाव नहीं करता जितना बीजेपी करती है।

दरअसल शिवराज सरकार(shivraj government) द्वारा दो बार नोटिस जारी करने के बाद भी पूर्व वित्त मंत्री तरुण भनोत द्वारा बंगला खाली नहीं किए जाने पर बुधवार को उनका बंगला सील कर दिया गया। जिसके बाद प्रदेश में सियासत गरमा गई है। अब इस पर कांग्रेस के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने शिवराज सरकार को घेरते हुए कहा है कि शिवराज सरकार को बंगले का मोह ज्यादा है। वहीं उन्होंने कहा है कि बीजेपी में चाहे छोटे कार्यकर्ता हो मुख्यमंत्री शिवराज हो या खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हो सरकार में आते ही यह लोग बदलना लेने की कार्यवाही करते है। पूर्व मंत्री वर्मा ने मीडिया(media) से बात करते हुए कहा है कि प्रदेश में कांग्रेस के आने के बाद बीजेपी सरकार के पूर्व मंत्रियों और विधयकों को बी-टाइप के बंगले आवंटित किए थे। बीजेपी के तरह पक्षपात नहीं किया था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार में पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह, नरोत्तम मिश्रा(narottam mishra), कृष्ण गोर, मीना वर्मा को बी-टाइप बंगले आवंटित किए थे। वर्मा ने सवाल उठाते हुए कहा है कि सभी पूर्व मंत्रियों को सरकार ने बंगले खाली करने के लिए नोटिस भेजे, लेकिन कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए पूर्व मंत्री इमरती देवी(imarti devi), प्रधुम्न सिंह तोमर(pradyuman singh tomar), महेंद्र सिसोदिया और प्राभुराम चोधरी जो अब विधायक तक नहीं है। उन्हें सरकार ने नोटिस क्यों नही भेजा गया।

बता दें कि भाजपा सरकार (BJP Government) ने अब पूर्व की कांग्रेस सरकार (Congress Government) के मंत्रियों को बंगला खाली करने के नोटिस (Notice) भेजें है। यह नोटिस संपदा संचनालायल द्वारा कांग्रेस के पूर्व मंत्रियों को भेजे गए। जिसमे सभी पूर्व मंत्रियों को सात दिनों में बंगला खाली करने की बात लिखी गई थी। वहीं नोटिस में यह भी लिखा गया था कि अगर तय समय पर पूर्व मंत्रियों द्वारा बंगला खाली नही किया गया तो उनसे जबरन बंगला खाली करवाया जा सकता है। जिसके बाद बंगले खाली नहीं करने पर सभी को बेदखली नोटिस भेजा गया। वहीं दो बार नोटिस जारी होने पर बंगला खाली नहीं किया गया तो कल अधिकारी और कर्मचारियों द्वारा पूर्व वित्त मंत्री तरुण भनोत (Tarun Bhanot) के बंगले को सील कर दिया गया था। जिसके बाद प्रदेश में राजनीति शुरू हो गई है।

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