बारिश के बीच जेपी अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री, लिया स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा

बारिश के बीच जेपी अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री, लिया स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा

भोपाल

आज सुबह बारिश के बीच मध्य प्रदेश के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा (dr narottam mishra) अचानक जेपी अस्पताल (jp hospital) के फीवर क्लीनिक पहुंचे। मरीजों की जांच, सैंपलिंग और स्क्रीनिंग कर रहे डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ उन्हें देखकर आश्चर्यचकित हो गए। अचानक बारिश के बीच अपने बीच स्वास्थ्य मंत्री के पहुंचने से उनमें जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।

मंत्री डॉ मिश्रा ने मरीजों की जांच, सेंपलिंग और स्क्रीनिंग कर रहे डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने फीवर क्लीनिक (fever clinic) में आने वाले मरीजों से भी बातचीत भी की। फीवर क्लीनिक के स्टाफ ने मंत्री डॉ मिश्रा को विश्वास दिलाया कि वह पूर्ण समर्पण और सेवा भाव से मरीजों का उपचार कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे । उन्होंने कहा कि जब स्वास्थ्य मंत्री जी स्वयं बारिश के बीच सुबह मरीजो की चिंता कर अस्पताल आ सकते हैं तो डाक्टर और स्टाफ जिनके कर्तव्यों में सेवा का भाव निहित है, वे उससे पीछे नहीं हटेंगे। क्लीनिक आने वाले प्रत्येक मरीज का समुचित परीक्षण और उपचार करने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखेंगे ।

मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने स्टाफ और डॉक्टर सहित सभी कोरोना योद्धाओं को आश्वस्त किया कि सरकार उनके साथ हैं। मरीजों और डॉक्टरों पैरामेडिकल स्टाफ की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक और समुचित प्रबंध सुनिश्चित किए जाएंगे।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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