MP को मिले 13 नए IPS अधिकारी, 5 को होम कैडर, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी किया

मध्य प्रदेश पुलिस के लिए ये एक अच्छी खबर है, प्रदेश की कानून व्यवस्था को और मजबूती देने के लिए 13 नए युवा आईपीएस अधिकारियों का अलॉटमेंट हुआ है जो जल्दी ही मध्यप्रदेश में अपनी सेवाएं देंगे
MP को मिले 13 नए IPS अधिकारी, 5 को होम कैडर, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी किया

IPS Officer Cadre Allotment: सिविल सर्विसेस एक्जाम 2023 में भारतीय पुलिस सेवा के लिए चयनित प्रतिभागियों को गृह मंत्रालय ने कैडर अलॉट कर दिए हैं, मंत्रालय ने 200 IPS अधिकारियों के कैडर अलॉटमेंट का नोटिफिकेशन  जारी किया है, इसमें मध्य प्रदेश को 13 आइपीएस अधिकारी मिले हैं इसमें से 5 को होम कैडर अलॉट हुआ है।

देश के विभिन्न राज्यों में जल्दी ही 200 युवा आईपीएस अधिकारी कमान संभालेंगे, भारत सरकार गृह मंत्रालय ने इनको कैडर अलॉट कर दिए हैं जल्दी ही ये अधिकारी अलॉट किये गए राज्य के पुलिस मुख्यालय में आमद देंगे और फिर उस राज्य की व्यवस्था के तहत जिस जिले में जो जिम्मेदारी मिलेगी उसे निभाएंगे।

MP को कुल 13 नये आईपीएस अधिकारी मिले 

केंद्र सरकार से जारी सूची में मध्य प्रदेश को 13 आईपीएस अधिकारी मिले हैं, इसमें राजीव अग्रवाल, माही शर्मा, दीपांशु, मनोज कुमार, समीक्षा सरवरी, माधव गुप्ता, माधव अग्रवाल, अर्णव भंडारी, रितु यादव, काजल सिंह, अमित कुमार, अंशुल चौधरी और लेखराज मीणा के नाम शामिल हैं।

इन 5 IPS को मिला होम कैडर 

खास बात ये हैं कि इन 13 आईपीएस अधिकारियों में से माही शर्मा, माधव अग्रवाल, अर्णव भंडारी, रितु यादव और काजल सिंह का होम स्टेट मध्य प्रदेश है और इन्हें होम कैडर ही अलॉट हुआ है यानि मध्य प्रदेश के ये अधिकारी मध्य प्रदेश में ही सेवा देंगे।

UP, राजस्थान, हरियाणा, बिहार और दिल्ली के अधिकारी भी MP में  

सूची में मध्य प्रदेश को मिले शेष 8 आईपीएस अधिकारियों में 1 उत्तर प्रदेश, 2 हरियाणा, 2 दिल्ली, 2 राजस्थान और 1  बिहार  के निवासी हैं जिन्हें मध्य प्रदेश कैडर अलॉट हुआ है, मध्य प्रदेश को मिले 13 आईपीएस अधिकारियों में 8  जनरल श्रेणी के, 3 ओबीसी के, 1 एससी का और 1 एसटी श्रेणी का पुलिस अधिकारी है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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