मध्य प्रदेश सरकार ने आज वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट विधानसभा में पेश किया। इसके बाद कांग्रेस ने इसे प्रदेश की जनता के साथ छलावा करने वाला बजट बताया है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे “जनता से विश्वासघात वाला बजट” करार दिया। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत बजट में “सिर्फ बातों के बताशे” हैं और जनहित के मुद्दे पूरी तरह नज़रअंदाज़ किए गए हैं।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी इस बजट को लेकर सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि खुद वित्त मंत्री ने स्वीकार किया कि राजकोषीय घाटा 74,000 करोड़ से अधिक होगा। कांग्रेस नेता ने कहा कि बीजेपी सरकार जनता के साथ धोखा कर रही है और इसमें झूठे आंकड़े पेश किए गए हैं।
बजट को लेकर कमलनाथ ने सरकार को घेरा
कमलनाथ ने प्रदेश की बीजेपी सरकार द्वारा विधानसभा में पेश किए गए बजट को “जनता से विश्वासघात वाला बजट” बताया है। उन्होंने कहा कि “जगदीश देवड़ा ने आज जो बजट पेश किया है उसमें सिर्फ बातों के बताशे बनाए गए हैं और जनहित का मुद्दा पूरी तरह सफाचट है।” पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि नवंबर 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने जो प्रमुख वादे जनता से किए थे, वे ढाई वर्ष बाद भी बजट भाषण में दिखाई नहीं दिए। उन्होंने कहा कि किसानों, महिलाओं, युवाओं और अन्य वर्गों से किए गए वादों को बजट में कोई स्पष्ट स्थान नहीं दिया गया।
कांग्रेस नेता ने यह सवाल भी उठाया कि पिछले बजट में की गई घोषणाओं की प्रगति रिपोर्ट वित्त मंत्री द्वारा स्पष्ट नहीं की गई। उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि पूर्व में घोषित योजनाएं किस स्तर तक लागू हुई। कमलनाथ ने केंद्र सरकार से मिलने वाली करों की हिस्सेदारी में संभावित 50 हजार करोड़ रुपये की कमी को लेकर भी सरकार की रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ने इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत नहीं किया है। इसी के साथ उन्होंने केंद्र और राज्य की साझा योजनाओं के तहत चालू वित्त वर्ष में केंद्र सरकार से अपेक्षित राशि का पूर्ण भुगतान न होने का मुद्दा भी उठाया गया। कांग्रेस का आरोप है कि इससे राज्य की वित्तीय स्थिति पर दबाव बढ़ सकता है।
उमंग सिंघार ने लगाया जनता के साथ धोखा करने का आरोप
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी इस बजट को जनता के साथ धोखा बताया है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में स्पष्ट कहा है कि राजकोषीय घाटा 74,000 करोड़ से अधिक होगा। जब आपके पास पैसा नहीं और ये वित्त मंत्री ने माना कि राजकोषीय घाटा है तो बजट में गिनाए गए वादों का आधार क्या है? ये सारे झूठे आंकड़े वित्त मंत्री ने पेश किए हैं। न किसानों की आय दोगुनी करने की बात, न युवाओं को रोजगार देने की बात हुई है, न कर्मचारियों के महंगाई भत्ते पर निर्णय हुआ है और जनता से जुड़े मुद्दे पूरी तरह गायब हैं।”
उन्होंने कहा कि “नर्मदा किनारे वृक्षारोपण के नाम पर पहले सैकड़ों करोड़ का घोटाला हुआ, अब फिर उसी दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। आम जनता को महंगी बिजली मिल रही है, दरें कम करने की कोई घोषणा नहीं, लेकिन निजी कंपनियों को लाभ पहुँचाया जा रहा है। बजट में महंगी बिजली की दरें कम करने पर कोई बात नहीं है और बिजली के नाम पर पूरा प्रदेश अडाणी को बेचा जा रहा है।” उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस के साथ कई बीजपी विधायक भी कहते हैं कि विधायक निधि बढ़ाई जाए लेकिन वो मांग अब तक अनसुनी है और इस कारण विधायक अपने क्षेत्र में सही तरह से विकासकार्य नहीं करा पा रहे हैं।






