MP Congress : कैलाश विजयवर्गीय का स्वागत करना पड़ा भारी, इंदौर शहर और ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष निलंबित

मुकेश नायक ने कहा कि पार्टी ने इसलिए एक्शन लिया है कि जिन महानुभाव ने (कैलाश विजयवर्गीय ) ने लोकसभा चुनाव में हमारे प्रत्याशी को अपनी कार में बैठाकर कलेक्ट्रेट में ले जाकर उनका फॉर्म वापस करवाया जिन्होंने लोकतंत्र की हत्या की तो उनसे सौजन्यता की क्या आवश्यकता थी?
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MP Congress : मध्य प्रदेश कांग्रेस इन दिनों एक्शन मोड़ में है और खासकर उनकी नजर इंदौर पर टिकी हुई है, पिछले दिनों पार्टी ने उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अजय चौरड़िया को अनुशासनहीनता के आरोप में 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया और अब इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष और इंदौर ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष को निलंबित कर दिया है, दरअसल इन लोगों ने पिछले दिनों पार्टी कार्यालय में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का स्वागत किया था।

पार्टी नेताओं ने कांग्रेस कार्यालय में किया था मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का स्वागत  

कांग्रेस की अनुशासन समिति पिछले कुछ दिनों से कड़े एक्शन में है, पार्टी को ये बात नागवार गुजरी कि इंदौर पार्टी कार्यालय में कांग्रेस के शहर अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्डा और ग्रामीण अध्यक्ष सदाशिव यादव ने कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का स्वागत सत्कार किया था उन्हें गुलाब जामुन खिलाये थे। आपको बता दें कि कैलाश विजयवर्गीय पिछले दिनों उस समय कांग्रेस कार्यालय गए थे जब उन्होंने 51 लाख पौधे लगाने का संकल्प लिया था और वे हर संस्था में जाकर अभियान में शामिल होने के लिए आमंत्रित कर रहे थे।

निलंबन पत्र पर 20 जुलाई की तारीख, सात दिन में जवाब मांगा, अवधि निकली 

हालाँकि मामले को करीब एक महीने हो गया लेकिन पिछले दिनों 20 जुलाई को कांग्रेस ने दोनों कांग्रेस नेताओं को पत्र जारी किया और उनसे सात दिन में जवाब मांगा और तब तक के लिए उन्हें निलंबित कर दिया, हालाँकि बड़ी बात ये भी है कि 20 जुलाई का पत्र आज 29 जुलाई को सामने आया और इस दौरान जवाब देने की अवधि निकल गई और दोनों नेता पार्टी के लिए काम भी करते रहे।

मुकेश नायक ने बताई निलंबन की वजह 

इधर सीनियर नेता मुकेश नायक ने कहा कि पार्टी ने इसलिए एक्शन लिया है कि जिन महानुभाव ने (कैलाश विजयवर्गीय ) ने लोकसभा चुनाव में हमारे प्रत्याशी को अपनी कार में बैठाकर कलेक्ट्रेट में ले जाकर उनका फॉर्म वापस करवाया जिन्होंने लोकतंत्र की हत्या की तो उनसे सौजन्यता की क्या आवश्यकता थी? क्या ये सौजन्यता के पात्र हैं? लम्बा समय होने के बाद एक्शन एक सवाल पर नायक ने कहा कि सोच समझकर और सभी जानकारी लेने के बाद ये कार्रवाई की गई है।

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Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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