MP में 3.6 लाख से ज्यादा बच्चे अब भी कुपोषित! कांग्रेस ने प्रदेश सरकार को घेरा, कमलनाथ ने नीति और नीयत पर उठाए सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में आज भी लाखों बच्चे कुपोषण का शिकार हैं जो बेहद चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बच्चों को पर्याप्त पोषण उपलब्ध कराने में विफल रही है। कमलनाथ ने कुपोषण समाप्त करने के लिए बजट बढ़ाने और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।
Madhya Pradesh Farmers

Kamal Nath

मध्यप्रदेश में बच्चों में कुपोषण का मुद्दा फिर चर्चाओं में है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि यहां आज भी 3.6 लाख से अधिक बच्चे कुपोषण का शिकार हैं, जबकि एक साल पहले सरकार ने सात लाख से अधिक बच्चों को कुपोषित के रूप में चिन्हित किया था।

कांग्रेस नेता ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार को कुपोषण समाप्त करने के लिए ना सिर्फ़ बजट बढ़ाना चाहिए बल्कि बजट की बंदरबांट को भी रोकना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में मध्यप्रदेश के माथे से कुपोषण का कलंक हटाना ज़रूरी है।

कुपोषण की समस्या अब भी गंभीर

महिला एवं बाल विकास विभाग की हालिया जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 अति गंभीर कुपोषित श्रेणी में 7 लाख 37 हजार बच्चे (6 वर्ष तक की उम्र) चिह्नित किए गए थे। इनमें से 3 लाख 63 हजार बच्चे अब तक सामान्य श्रेणी में नहीं लौट पाए हैं यानी आधे से भी कम बच्चे ही ठीक हो पाए। मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम के तहत इनकी पहचान हुई, लेकिन स्थिति सुधारने की बजाय बिगड़ती दिख रही है। वहीं, राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-5) के अनुसार, 2019-2021 में प्रदेश में 35.7 फीसदी बच्चे बौनापन (स्टंटिंग) के शिकार थे। हाल के आंकड़ों में कुपोषण की दर राष्ट्रीय औसत से अधिक बनी हुई है और कई रिपोर्ट्स में मध्यप्रदेश को सबसे खराब प्रदर्शन वाले राज्यों में गिना जा रहा है।

हालांकि सरकार की ओर से दावा किया जा रहा है कि 7.37 लाख में से करीब 3.71 लाख बच्चों को सामान्य पोषण स्तर पर लाया गया है, और प्रतिवर्ष 1400 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा रहे हैं। लेकिन विपक्ष का कहना है कि खर्च के बावजूद परिणाम नाकाफी हैं और ठेकेदारों या अन्य कारणों से संसाधनों का दुरुपयोग हो रहा है।

कमलनाथ ने प्रदेश सरकार से किए सवाल 

कांग्रेस इस मुद्दे पर सरकार को घेर रही है। कमलनाथ ने भाजपा सरकार पर नाकामी का आरोप लगाते हुए कहा है कि उसके सारे दावे बेअसर साबित होते दिख रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से उन्होंने कहा कि प्रदेश में आज भी 3.6 लाख से अधिक बच्चे कुपोषण का शिकार हैं। यह स्थिति तब है, जब एक साल पहले सरकार ने सात लाख से अधिक बच्चों को कुपोषित चिह्नित किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पहचान के बावजूद इन बच्चों को उचित पोषण नहीं मिल पाया, जो सरकार की नीति और नीयत दोनों की असफलता है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि कुपोषण से लड़ने के लिए बजट में वृद्धि की जाए और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बजट की बंदरबांट रोकना और पोषण योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू करना जरूरी है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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