
Narottam Mishra criticized Congress on Aftab case : गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने श्रद्धा हत्याकांड पर कांग्रेस कि चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि अखलाक कि मौत पर मातम मनाने वाले राहुल गांधी व सोनिया गांधी आफताब को लेकर चुप क्यों हैं। क्या वे इसलिए चुप है कि दलित वर्ग की बिटिया के 35 टुकड़े करने वाला अल्पसंख्यक वर्ग से है। उन्होने कहा कि कांग्रेस की इस तुष्टिकरण मानसिकता ने उसका असली चेहरा एक बात फिर सामने ला दिया है।
आफताब केस पर चुप्पी को लेकर उठाए सवाल
नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि ‘अखलाक कि मौत पर कांग्रेस नेता मुखर थे। राहुल गांधी तो अखलाक के घर मातम मनाने तक गए थे। अवार्ड वापसी गैंग सक्रिय हो गई थी, मोमबत्ती गिरोह भी सड़को पर आ गया था। लेकिन एक दलित बेटी श्रद्धा के 35 टुकड़े कर दिए गए और न सोनिया जी के मुंह से आज तक आवाज निकली न राहुल गांधी अपनी जुबान खोल पाए। लड़की हूं लड़ सकती हू का नारा देने वाली प्रियंका गांधी वाड्रा भी एक बिटिया की नृशंस हत्या पर नहीं लड़ रही हैं। अवार्ड वापसी गैंग भी गायब है, मोमबत्ती जलाने वाले मुंह छिपाए घूम रहे हैं। आखिर क्यूं, क्योंकि मारने वाला आफताब है और मरने वाली श्रद्धा है इसलिए।’
कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप
गृह मंत्री ने कहा कि सोनिया गांधी बाटला हाउस में आतंकियों कि मौत पर आंसू बहाती हैं। राहुल गांधी अखलाक की मौत पर मातम मनाते हैं। प्रियंका गांधी, दिग्विजय सिंह अल्पसंख्यक वर्ग के साथ हुई छोटी सी बात पर भी हंगामा खड़ा कर देते हैं। लेकिन दलित वर्ग कि बेटी के 35 टुकड़े इन सबको पीड़ा नहीं देती। सब चुप हैं। ये आरोपी आफताब के इस घिनौने कृत्य की निंदा तक करने कि हिम्मत नही जुटा पा रहे हैं। उन्होने कहा कि कांग्रेस कि तुष्टिकरण राजनीति का यह सबसे बड़ा ज्वलंत उदाहरण हैं। नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि देश भी कांग्रेस कि इस तुष्टिकरण कि राजनीति को समझ चुका है। आफताब मामले ने एक बार फिर कांग्रेस का असली चेहरा सामने ला दिया है। तुष्टिकरण कि इसी राजनीति के कारण कांग्रेस अब अप्रासंगिक होती जा रही है।
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पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

