प्रयागराज माघ मेला विवाद: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में भोपाल में कांग्रेस का उपवास-धरना, जीतू पटवारी ने बताया सनातन धर्म का अपमान

कांग्रेस का आरोप है कि मेला प्रशासन और योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा शंकराचार्य से प्रमाण-पत्र मांगना और उन्हें स्नान से रोकना सनातन परंपरा व धार्मिक मर्यादाओं का उल्लंघन है। जीतू पटवारी ने इसे पूरे सनातन धर्म का अपमान बताते हुए कहा कि यह मामला राजनीति का नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के सम्मान से जुड़ा है।
Congress Protest Bhopal

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शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी के अपमान के विरोध में आज कांग्रेस ने भोपाल में एक दिवसीय उपवास और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीसी शर्मा के नेतृत्व में रोशनपुरा चौराहे पर ये कार्यक्रम किया गया जिसमें प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी शामिल हुए।

उन्होंने कहा कि प्रयागराज माघ मेले में मेला प्रशासन और योगी आदित्यनाथ सरकार ने शंकराचार्य जी को गंगा स्नान से रोका और उनसे प्रमाण-पत्र मांगा गया..जो पूरे सनातन धर्म का अपमान है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस ने इसे सनातन परंपरा और धार्मिक मर्यादाओं के खिलाफ बताते हुए बीजेपी पर निशाना साधा।

कांग्रेस का एक दिवसीय उपवास और विरोध

मध्यप्रदेश कांग्रेस ने राजधानी भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर एक दिवसीय उपवास एवं शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। इस कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री पीसी शर्मा सहित बड़ी संख्या में नेता-कार्यकर्ता शामिल हुए। यह विरोध मुख्य रूप से प्रयागराज के माघ मेले में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी के साथ हुए अपमान और दुर्व्यवहार के खिलाफ किया गया।

जीतू पटवारी ने बीजेपी को घेरा

जीतू पटवारी ने कहा कि भारत के इतिहास में कभी भी किसी शंकराचार्य से गंगा स्नान के लिए प्रमाण-पत्र नहीं मांगा गया, लेकिन भाजपा सरकार ने ऐसा किया। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि “हजारों साल की सनातन परंपरा के अनुसार जगद्गुरु शंकराचार्य से किसी ने प्रमाण पत्र नहीं मांगा। लेकिन योगी आदित्यनाथ ने उनसे प्रमाण पत्र मांगा। जो बीजेपी हिंदू हित की बात करके वोट लेना चाहती है उसने सनातन धर्म की सबसी बड़ी विरासत शंकराचार्य को गंगा स्नान करने से रोक दिया।”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसपर राजनीतिक दृष्टि से बात नहीं कर रही है लेकिन इसे लेकर भारत की प्राचीन परंपरा और विरासत क्या कहती है, ये सोचने वाली बात है। उन्होंने सवाल किया कि हम वसुधैव कुटुंबकम की बात करते हैं लेकिन हमारे इस प्राचीन धर्म के प्रमुख शंकराचार्य के साथ सीएम योगी ने जो दुस्साहस किया क्या उसपर देश को मौन रहना चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उनके साथ हुए दुर्व्यवहार के जो वीडियो आए हैं वो अकल्पनीय वेदना देने वाले हैं। ये अपने आप में इतना बड़ा पाप है कि इसकी उन्हें कड़ी सजा मिलेगी। जीतू पटवारी ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी के साथ हुए दुर्व्यवहार की निंदा करते हुए कहा कि इस घटना से सत्ता के लिए धर्म का सहारा लेने वालों का चेहरा बेनकाब हुआ है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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