Ram Mandir: कमलनाथ ने किया स्वागत, ओवैसी बोले-‘जालिम! दिल की बात जुबां पर आ ही गई’

Ram Mandir: कमलनाथ ने किया स्वागत, ओवैसी बोले-‘जालिम! दिल की बात जुबां पर आ ही गई’

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से पहले राजनीति शुरू हो गई है| भाजपा और कांग्रेस बीच जहां बयानबाजी का दौर तो चल ही रहा| वहीं विपक्षी पार्टियां भी एक दूसरे पर निशाना साध रही हैं| AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन औवैसी ने राम मंदिर निर्माण का स्वागत करने पर पूर्व सीएम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ पर निशाना साधा है|

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का स्वागत किया है| इसपर हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने तंज कसा है| ओवैसी ने कमलनाथ के वीडियो को रीट्वीट करते हुए लिखा है, ”ज़ालिम! दिल की बात जुबां पर आ ही गई.” हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने कहा कि कमलनाथ आपको यहीं नहीं रुकना चाहिए. मेरा सुझाव है कि अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए कांग्रेस के हर दफ्तर से मिट्टी जानी चाहिए|

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने एक वीडियो संदेश जारी किया है| इसमें वह कहते हैं, ”मैं अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का स्वागत करता हूं. देशवासियों को इसकी बहुत दिनों से अपेक्षा और आकांक्षा थी. राम मंदिर का निर्माण हर भारतवासी की सहमति से हो रहा है, यह सिर्फ भारत में ही संभव है.”

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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