सिंधिया पर सज्जन वर्मा का आरोप, BJP में जाने की एवज़ में लिये 400 करोड़

सिंधिया पर सज्जन वर्मा का आरोप, BJP में जाने की एवज़ में लिये 400 करोड़

भोपाल

एक समय कांग्रेस (congress) के दिग्गज माने जाने वाले और वर्तमान में भाजपा (bjp) के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया (jyotiradiya scindia) पर पूर्व कांग्रेस सरकार के मंत्री सज्जन सिंह वर्मा (sajjan singh verma) ने जमकर हमला बोला है। सज्जन वर्मा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामने के एवज में सिंधिया ने भी बीजेपी से 400 करोड़ रूपये लिए है। इतना ही नहीं ,सज्जन वर्मा ने कांग्रेस छोड़ बीजेपी में गए विधायकों पर 35 करोड़ से लेकर 50 करोड़ रूपये लेने का आरोप लगाया है।सज्जन वर्मा ने सिंधिया को यहां तक कह दिया कि वे दोगले खून के हैं और उन्होंने यह कार्य करके एक बार फिर 1857 की क्रांति में लक्ष्मीबाई (laxmibai) के साथ हुई गद्दारी के सिंधिया परिवार के इतिहास को ही दोहराया है। सज्जन वर्मा ने यह भी कहा कि आने वाले उप चुनाव में जनता कांग्रेस के साथ किए गए इस विश्वासघात का बदला लेगी और सिंधिया समर्थकों की करारी हार होगी।

सज्जन वर्मा के इस बयान पर पलटवार करते हुए सिंधिया समर्थक भाजपा नेता मनोज पाल सिंह यादव (manoj pal yadav) ने कहा है कि एक बार चांद में दाग हो सकता है लेकिन सिंधिया की ईमानदारी पर किसी को शक नहीं। आरोप लगाने वाले सज्जन वर्मा को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए कि पीडब्ल्यूडी (pwd) मंत्री रहते हुए उनके कार्यकाल में एक चपरासी का ट्रांसफर भी बिना पैसे के लेनदेन के नहीं हुआ और अभी हाल ही में जब घोटाले खुलेंगे तो करोड़ों के टेंडर में हुए भ्रष्टाचार के मामले भी सामने आएंगे।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews