राजधानी में एनआरसी-सीएए के खिलाफ चला हस्ताक्षर अभियान

राजधानी में एनआरसी-सीएए के खिलाफ चला हस्ताक्षर अभियान

भोपाल। राजधानी भोपाल में कानून संशोधन का विरोध जारी है। इस दौरान पिछले कई दिनों से चल रहे हस्ताक्षर अभियान का दौर भी चला। शुक्रवार को शहर की विभिन्न मस्जिदों के बाहर लोगों ने एनआरसी विरोधी प्रारूप पर हस्ताक्षर किए। इन हस्ताक्षरों को जमा कर राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार को भेजने की तैयारी की जा रही है। इधर आम मशविरे में यह बात भी तय हुई है कि अब शहर की मस्जिदों में नमाज अदा करने के बाद लोग मस्जिद के बाहर खड़े होकर शांतिपूर्ण अपना विरोध दर्ज कराएंगे। वे हर नमाज के बाद पांच-दस मिनट के लिए हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर खड़े होंगे और कानून संशोधन पर विरोध जताएंगे।

जमीअत उलमा मध्यप्रदेश की हस्ताक्षर अभियान के जरिये भारत सरकार से काले कानून की वापसी की मांग की जा रही है। इस अभियान के तहत तहत डोर टू डोर हस्ताक्षर अभियान जारी है। शुक्रवार को नमाज के बाद भानपुर वार्ड 73 में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में लोगों ने विरोध में हस्ताक्षर किए। जमीअत उलमा मध्यप्रदेश के प्रेस सचिव हाजी मोहम्मद हारून ने इस मौके पर कहा कि एनआरसी और सीएए के विरोध में हजारों की संख्या में हस्ताक्षर बताते हैं कि भारत की जनता इस काले क़ानून के विरोध में खड़ी है। भारत सरकार को हठधर्मिता छोड़कर अवाम की भावनाओं का ख्याल रखते हुए इस कानून को वापस लेना चाहिए। हाजी इमरान ने कहा कि ऐसा कोई भी क़ानून भारत की 140 करोड़ देश की जनता को मंजूर नही है, जो देश की एकता और भाईचारे को तोड़े और जिससे देश की तरक्की में बाधा उत्पन्न हो। हस्ताक्षर अभियान में हाफिज ईस्माइल बैग, मौलाना अजहर नदवी, अरमान अली, मुफ्ती मोहम्मद राफे, मोहम्मद फरहान, मोहम्मद यासिर, फईम उद्दीन, मुजाहिद मोहम्मद खान आदि शामिल थे।

हर नमाज के बाद होगा शांतिपूर्ण विरोध
शहर की मस्जिदों में पांच वक्त नमाज के लिए पहुंचने वाले नमाजी अब शांतिपूर्ण तरीके से कानून संशोधन का विरोध करने की तैयारी कर रहे हैं। इस विरोध के दौरान किसी तरह की नारेबाजी, भाषणबाजी या प्रदर्शन नहीं होगा। बल्कि नमाज से फारिग होने के बाद नमाजी महज पांच-दस मिनट के लिए मस्जिद के बाद खड़े होंगे। इस दौरान वे अपने हाथ में देश का राष्ट्रीय ध्वज लिए रहेंगे। इस शांतिपूर्ण विरोध के जरिये खामोश संदेश देन की कोशिश की जाएगी कि संविधान के साथ की जाने वाली छेड़छाड़ देशहित में नहीं है, इससे यहां के हर नागरिक का नुकसान और परेशानी बढऩा है। तय किया गया है कि इसी तरह का प्रदर्शन आगे चलकर मंदिरों, गुरूद्वारा और चर्चा पहुंचने वाले धर्मालु भी करेंगे। इसके लिए विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं से चर्चा की जा रही है।

सत्याग्रह से उठ रही संशोधन के खिलाफ आवाज
राजधानी के इकबाल मैदान पर 17 दिन से जारी सत्याग्रह का दौर जारी है। यहां हर शाम जुटने वाले युवाओं द्वारा कानून संशोधन के नुकसान समझाने के लिए विचार गोष्ठियां, सभाएं और परिचर्चाएं कराई जा रही हैं। यहां अब तक अलग-अलग वर्ग के कई वक्ता पहुुंच चुके हैं। इन सभी की बातों में एक ही बात का जिक्र है कि सरकार द्वारा मनमानी कर कानून को बदलने की कवायद संविधान के साथ खिलवाड़ करने वाला कदम है। इसपर सभी को विरोध में खड़ा होना चाहिए और देश में पडऩे वाली नई परिपाटी को रोकने के लिए प्रयास करना चाहिए। इधर शुक्रवार को इकबाल मैदान पर पुलिस की हलचल कुछ बढ़ी हुई नजर आने लगी है। देर दोपहर यहां पहुंचे पुलिस दल ने यहां सीसीटीवी लगाने सहित अन्य व्यवस्थाओं पर मंथन किया है। पुलिस की इस सरगर्मी को गुरूवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात इंदौर में हुए प्रदर्शन के दौरान हुई कुछ छिटपुट घटनाओं से भी जोड़ा जा रहा है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews