Smart Meter : दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट, 4 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को 6 करोड, 34 लाख से अधिक की मिली छूट

सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की अवधि के दौरान उपभोग की गई ऊर्जा के लिए ऊर्जा प्रभार की सामान्य दर पर 20 प्रतिशत की छूट 10 किलोवाट तक स्वीकृत लोड / अनुबंध मांग वाले उपभोक्‍ताओं को ही दी जा रही है।
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मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं के लिए यह सभी छूट अथवा प्रोत्साहन की गणना सरकारी सब्सिडी (यदि कोई हो) को छोड़कर की जा रही है। इसका लाभ उपभोक्ताओं को मिल रहा है।

मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटरिंग पहल के अंतर्गत नवम्‍बर 2025 के दौरान कुल 4,06,507 उपभोक्ताओं को उनके मासिक विद्युत बिल में टाइम ऑफ डे (ToD) छूट का लाभ प्रदान किया है, जिसकी कुल राशि 06 करोड़, 34 लाख रुपये है। स्‍मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को उनकी खपत के आधार पर उपरोक्त छूट दी गई है।

सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक 20% छूट 

कंपनी ने बताया कि स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं के लिए जिसमें घरेलू, गैर घरेलू, सार्वजनिक जल कार्य और स्ट्रीट लाइट और निम्‍न दाब औद्योगिक उपभोक्‍ताओं के लिए सोलर ऑवर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की अवधि के दौरान उपभोग की गई ऊर्जा के लिए ऊर्जा प्रभार की सामान्य दर पर 20 प्रतिशत की छूट 10 किलोवाट तक स्वीकृत लोड / अनुबंध मांग वाले उपभोक्‍ताओं को ही दी जा रही है।

ये हैं स्मार्ट मीटर के फायदे

  • ऊर्जा की खपत को नियंत्रित करने और ऊर्जा की बचत करने में सहायक।
  • ऊर्जा की खपत को ट्रैक करने और ऊर्जा की बचत करने में सहायक।
  • ऊर्जा की खपत को कम करने से पर्यावरण पर पड़ने वाला प्रभाव कम होता है।
  • ऊर्जा की खपत को ऑनलाइन ट्रैक करने और नियंत्रित करने की सुविधा।
  • बिजली की खपत को सटीक रूप से मापता है, जिससे बिल में कोई गलती नहीं होती।
  • ऐप के जरिए मोबाइल पर रियल-टाइम डेटा देखकर ऊर्जा की खपत को नियंत्रित करना संभव।
  • ऊर्जा की गुणवत्ता के बारे में जानकारी मिलती है। इससे ऊर्जा की खपत को बेहतर बना सकते हैं।
Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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