जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने ‘इंडिया’ गठबंधन के टूटने का सीधा आरोप पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर लगाया। झा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभी विपक्षी दलों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया था। लेकिन चुनाव में जाने को लेकर सहयोगी दलों के बीच न तो कोई एकजुटता दिखी और न ही कोई स्पष्ट विजन सामने आया। इसके बाद ही अलग होने का फैसला किया गया।
जब उनसे पूछा गया कि ‘इंडिया’ ब्लॉक की पहली बैठक 2023 में पटना में नीतीश कुमार के घर पर हुई थी, तो जेडीयू बाहर क्यों हो गई? इस सवाल पर संजय झा ने बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘दो व्यक्तियों ने इस ‘इंडिया’ अलायंस को खत्म कर दिया। उनका नाम ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल है।’ झा ने आगे कहा कि राजनीति में आज वे लोग कहां पर हैं, यह सभी के सामने है।
‘इंडिया’ ब्लॉक में एक सहमति बन गई थी। संजय झा ने बताया कि वह यह नहीं कह रहे कि नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में प्रोजेक्ट किया जा रहा था। एक आम सहमति बनने के बावजूद, मीटिंग में इन दोनों नेताओं ने एक दलित संयोजक की मांग की। उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे साहब का नाम सुझाया। यह कहकर उन्होंने कांग्रेस को भी बैकफुट पर धकेल दिया।
नीतीश कुमार को संयोजक बनाने की बात गलत: संजय झा
संजय झा ने दोहराया कि नीतीश कुमार जी को संयोजक बनना था, ऐसी कोई बात नहीं थी। इस गठबंधन को लेकर उनकी अपनी एक विश्वसनीयता थी। वह हर जगह घूम रहे थे, दूसरे नेताओं से बात कर रहे थे। सभी को एक प्लेटफॉर्म पर लेकर आए। लेकिन मीटिंग में उस तरह की बात बोलने से कांग्रेस बैकफुट पर चली गई।
उन्होंने यह भी कहा कि ‘इंडिया’ अलायंस में कहीं कोई चुनावी योजना नहीं दिखी। चुनाव में किस तरह जाएंगे, इसका कोई खाका तैयार नहीं था। कहीं कोई एकजुटता भी नजर नहीं आई। हम जैसे क्षेत्रीय दलों को लगा कि कांग्रेस तो कहीं दो-चार राज्यों में अपनी राजनीति करती रहती है, उसे बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है। झा ने अपनी व्यक्तिगत राय व्यक्त करते हुए कहा, ‘मुझे व्यक्तिगत तौर से लगता है कि ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल ने ‘इंडिया’ अलायंस को खत्म कर दिया।’
जेडीयू के NDA में लौटने पर संजय झा ने बताई बड़ी वजह
जब उनसे पूछा गया कि ‘इंडिया’ अलायंस तो बीजेपी के खिलाफ बना था, लेकिन बाद में जेडीयू ने एनडीए के साथ गठबंधन क्यों किया? इस सवाल पर संजय झा ने अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि बिहार में किसी न किसी गठबंधन में काम करना ही पड़ता है। यह सच है कि ‘इंडिया’ अलायंस बनाने में नीतीश कुमार जी की अहम भूमिका थी, लेकिन जब उन्हें लगा कि यह न तो आगे बढ़ रहा है और न ही इसका कोई स्पष्ट विजन है, तो उन्होंने अलग होने का फैसला लिया।
झा ने यह भी कहा कि सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी का विरोध करने से राजनीति नहीं चलती। आप भी तो लोगों के बीच अपना कुछ दृष्टिकोण लेकर जाएंगे। नीतीश कुमार ने बहुत कोशिश की। बिहार में क्षेत्रीय दल के रूप में काम करने के लिए बीजेपी के साथ गए, क्योंकि हमारे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था। सच्चाई यही है और हम लोग बिहार में साथ में काम कर रहे हैं।






