बीना रिफाइनरी में पर्याप्त ऑक्सीजन, बनेगा 1000 बिस्तर का अस्पताल, मुख्यमंत्री ने की समीक्षा

बीना रिफाइनरी में पर्याप्त ऑक्सीजन, बनेगा 1000 बिस्तर का अस्पताल, मुख्यमंत्री ने की समीक्षा

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश में इस समय मौजूद ऑक्सीजन संकट (Oxygen Crisis)को टालने के लिए सरकार ने एक अभिनव प्रयास किया है।  सरकार में बीना रिफाइनरी  (Bina Refinery)  में ऑक्सीजन (Oxygen) की पर्याप्त उपलब्धता को देखते हुए रिफाइनरी के पास ही 1000 बिस्तर का अस्थाई कोरोना अस्पताल (Corona Hospital) बनाने का फैसला किया है।  अस्पताल के निर्माण की तैयारियों की समीक्षा करने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) मंगलवार को बीना पहुंचे।

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) ने बीना रिफाइनरी के पास ग्राम चक्क (आगासोद) में बनने वाले 1000 बिस्तरों के अस्थाई कोविड अस्पताल के स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) ने बीना में भारत ओमान रिफाइनरीज लिमिटेड (BORL) में स्थापित VPSA ऑक्सीजन प्लांट का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान  (CM Shivraj Singh Chauhan) ने बीना रिफाइनरी के पास ग्राम चक्क (आगासोद) में बनने वाले एक हजार बिस्तरों के अस्थाई कोविड अस्पताल की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि डॉक्टर,पेरामेडिकल स्टॉफ,चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी आदि बाहर से आयेंगे, उनके रुकने का अच्छा इंतजाम किया जाये।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) कोरोना के विरुद्ध युद्ध जारी है और संक्रमित मरीजों के इलाज के हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं। नई व्यवस्थाएं भी बनाई जा रही हैं। हम जहां सभी जिलों में ऑक्सीजन प्लांट लगा रहे हैं, ताकि इसकी कमी को पूरी तरह से दूर किया जा सके।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) ने कहा कि बीना रिफाइनरी में ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता है, लेकिन आज ऐसी व्यवस्था नहीं है कि हम इस ऑक्सीजन को दूसरी जगह ले जा सकें। इसलिए बीना रिफाइनरी के पास अस्पताल बनाने का फैसला किया है। आज हमने विशेषज्ञों के साथ बैठक कर इस पर विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने काखा कि अस्पताल के मजबूत स्ट्रक्चर के साथ-साथ ऑक्सीजन की पाइप बिछाने, टैंक से ऑक्सीजन ले जाने, पेयजल एवं इलाज की व्यवस्था आदि के संबंध में भी हमने विस्तृत चर्चा की है। मुझे विश्वास है कि जल्द ही हम सब मिलकर इस अस्पताल का कार्य पूर्ण कर लेंगे, जिसमें कोरोना के मरीजों का इलाज हो सकेगा।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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