कमलनाथ के मंत्री बोले-कुछ तो कीमत चुकानी पड़ेगी

कमलनाथ के मंत्री बोले-कुछ तो कीमत चुकानी पड़ेगी

इंदौर।आकाश धौलपुरे।

देश में रहने लायक शहरों की गिनती में नम्बर 1 इंदौर को प्रदेश की कमलनाथ सरकार एक नए विजन के साथ अगले 5 दशकों के लिए तैयार करना चाहती है जिसके लिए बकायदा बहुप्रतीक्षित मेट्रो ट्रेन के चलाए जाने का इंतजार लंबे समय से हो रहा है लेकिन मेट्रो ट्रेन के रूट की कल्पना और रणनीति के पहले ही आर्थिक राजधानी इंदौर के व्यापारिक इलाको में विरोध शुरू हो चुका है। दरअसल, तेजी से आर्थिक कदम बढ़ा रही प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में व्यापारियों को पता चला कि प्रस्तावित मेट्रो मार्ग गांधी हाल से लेकर बड़ा गणपति और बड़ा गणपति मन्दिर से इंदौर एयरपोर्ट है तब ही व्यापारिक संगठनों में रोष का माहौल निर्मित हो चुका है।

इसी के चलते बुधवार को इंदौर के सबसे पुराने कोठारी मार्केट के व्यापारियों ने अपना कारोबार बंद रख विरोध जताया। व्यापारियों ने बताया की गाँधी हाल से बड़ा गणपति तक व्यापारिक क्षेत्र है और इस पर मेट्रो रूट प्रस्तावित है जिसको लेकर स्थानीय व्यापारी एसोसिएशन, कोठरी मार्केट एसोसिएशन , महाराज काम्प्लेक्स एसोसिएशन, कोर्ट के समीप महात्मा गाँधी मार्ग के व्यापारियों सहित खातीपुरा व्यापारी एसोसिएशन ने व्यवसाय बंद कर विरोध प्रदर्शन किया।

इस दौरान व्यापरियों ने बताया की मेट्रो के इस रूट से लगभग 1500 व्यापारी प्रभावित होंगे और उनके प्रतिष्ठानो पर काम करने वाले हजारो लोगो के सामने रोजी रोटी का संकट पैदा होगा।
इधर, व्यापारियों के विरोध प्रदर्शन के जबाव में प्रदेश के उच्च शिक्षा एवं खेल मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि आने वाले 50 साल में इंदौर को विकास के नए आयाम देना है और विकास के लिए सब को कुछ ना कुछ तो कीमत चुकानी पड़ेगी।

मंत्री जीतू पटवारी ने कहा की व्यापारी को डर है की अण्डरग्राउण्ड मेट्रो ट्रेन रूट से उनकी दुकानों को ख़तरा है हालांकि अंत मे उन्होंने ये भी साफ किया कि जो भी होगा व्यापारियों से बात करने के बाद ही किया जायेगा। हालांकि इंदौर के कई पुराने बाजार मेट्रो की जद में आएंगे लिहाजा अब सरकार के लिए आर्थिक राजधानी इंदौर में पीढ़ियो से व्यापार करने वाले व्यापारी और उनके संगठनों के विरोध झेलना एक बड़ी चुनौती होगी। अब देखना ये दिलचस्प होगा कि सरकार क्या रास्ता निकालती है या फिर मंत्री पटवारी के कीमत वाले बयान पर सरकार की डगर होगी जिस पर मेट्रो चलेगी।

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