लॉक डाउन के बीच TI ने दी धमकी-“मैं शार्प शूटर हूं”, SP ने किया लाइन अटैज

लॉक डाउन के बीच TI ने दी धमकी-“मैं शार्प शूटर हूं”, SP ने किया लाइन अटैज

उज्जैन।

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए देश में 21 दिन के पूर्ण लॉक डॉउन के बाद प्रदेश सरकार और प्रदेश प्रशासन इसका सख्ती से पालन कर रहे हैं। इसी बीच उज्जैन के महिदपुर से एक टीआई ने लोगों को धमकी देते हुए उन्हें घर में रहने की चेतावनी दी है। टीआई ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए कहा है कि वह एक शार्प शूटर है और घर में नहीं रहने वालों पर वह इसका प्रयोग करेंगे।

दरअसल उज्जैन में कोरोनावायरस के छह मामले आने के बावजूद लोग सोशल डिस्टेंस मेंटेन नहीं कर रहे हैं। जिसके बाद महिदपुर टीआई संजय वर्मा ने व्हाट्सएप पर केक मैसेज के जरिए लोगों को धमकाने की कोशिश की है। टीआई वर्मा ने पोस्ट में लिखा है कि यदि लोग सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं करेंगे तो उनका इलाज हम करेंगे। मैं एक स्नैप शूटर भी हूं और सिल्वर मेडलिस्ट में। इसके बाद टीआई वर्मा ने इस मैसेज को अन्य ग्रुप में शेयर करने के लोगों से अपील की। जिसके बाद यह खबर फैली और जानकारी पुलिस अधीक्षक संजय अतुलकर के पास पहुंची। जिसमें फॉरेन कार्रवाई करते हुए पुलिस अधीक्षक ने टी आई वर्मा को तलब किया है।

गौरतलब हो कि टीआई संजय वर्मा पर यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी उन पर आरोप है कि उन्होंने एक पत्रकार भोम लाल गोयल पर जानलेवा हमला किया था। उन्होंने पेट्रोल पंप के सामने कवरेज करें पत्रकार पर लाठियों से वार किया था। जिसमें पत्रकार गोयल बुरी तरह घायल हो गए थे हालांकि पुलिस ने शिकायत पर मेडिकल तो कराई थी किंतु एफ आई आर दर्ज नहीं की गई थी।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews