उज्जैन में बिगड़े हालात, 16 नए पॉजिटिव मिलने से मरीजों का आकड़ा पहुंचा 235

उज्जैन में बिगड़े हालात, 16 नए पॉजिटिव मिलने से मरीजों का आकड़ा पहुंचा 235

उज्जैन।

उज्जैन(ujjain ) में कोरोना (Corona) का कहर बढ़ता जा रहा है| शुरुआत से कोरोना पर नियंत्रण न रख पाने वाले उज्जैन में अब स्थिति और बिगड़ी जा रही है| शनिवार को आई रिपोर्ट में 16 मरीजों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव(corona positive) आई है। इन्हें मिलाकर उज्जैन में कोरोना पॉजिटिव की संख्या अब 235 हो गई है।

दरअसल उज्जैन में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। शनिवार को आई 16 लोगों की रिपोर्ट से अब जिले में संक्रमित मरीजों का आकड़ा 235 पहुँच चूका है। वहीं संक्रमण के कारण दो और लोगों की मौत हुई है। जिससे जिले में कोरोना की वजह से मरने वालों की संख्या 45 हो गई। जबकि राहत की बात ये है कि 69 मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। शुक्रवार सुबह तक 55 मरीज ठीक होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके थे।

बता दें कि इसके पहले शुक्रवार को यहां 18 नए केस सामने आए। इन नए मामलों में आठ बड़नगर के थे।शेष नए केस उज्जैन के थे। नए मामलों में से अधिकांश कंटेनमेंट इलाकों(contentment area) से थे। उज्जैन शहर के सखीपुरा इलाके में भी एक महिला में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। उज्जैन जिले में मिले नए मामलों में से अधिकांश पहले से ही क्वारंटाइन हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार कई मामलों में लक्षण नहीं मिल रहे। इसलिए और सावधानी बरतना जरूरी है। हालांकि अब जिले का रिकवरी रेट भी सुधर रहा है।

इधर शुक्रवार को कोरोना के रोकथाम को ले​कर किए जा रहे कामों और व्यवस्थाओं की जानकारी स्वास्थ्य मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने क्षेत्र के विधायकों से ली।वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मंत्री ने सभी से चर्चा की। इस दौरान कुछ विधायकों ने व्यवस्थाओं पर संतुष्टि जताई तो कुछ ने बताई कमियां गिनाई। ये सब सुनने के बाद मंत्री ने कलेक्टर को जमकर फटकार लगाई। वहीं जल्द ही व्यवस्थाओं को सुधारने के निर्देश दिए हैं।बता दें कि उज्जैन में लापरवाही के चलते ही कलेक्टर और एसपी पर गाज गिर चुकी है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews