बिना कारण के व्यापारी को थाने में बैठाया, गृह मंत्री से की शिकायत

बिना कारण के व्यापारी को थाने में बैठाया, गृह मंत्री से की शिकायत

दतिया/भाण्डेर।शाहिद कुरैशी।

मध्य प्रदेश (madhypradesh) शासन के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ0 नरोत्तम मिश्रा (Home and Health Minister Dr. Narottam Mishra) को व्यापारी अब्दुल कादर ने एक आवेदन दिया जिसमे उल्लेख किया है कि प्रार्थी कस्बा भाण्डेर में मोबाईल (mobile) आदि सामान का व्यापारी है। प्रार्थी की दुकान से थाना भाण्डेर में पदस्थ एस आई रमेश जाट के द्वारा एक मोबाइल खरीदा था। जो कि 16670 रूपये का उधार लिया था। बाद मे एसआई जाट द्वारा जे एस आई के द्वारा 16000 रूपये का डिजिटल भुगतान फोन के द्वारा किया। जिसमे 670 रूपये शेष रह गये थे। प्रार्थी द्वारा फोन पर एसआई जाट से शेष रूपये 670 की मांग की।

जिससे नाराज होकर दिनांक 03 मई 2020 को एसआई रमेश जाट (SI Ramesh Jat) द्वारा अपने पुलिस स्टाॅफ के सहित प्रार्थी के घर पर आकर प्रार्थी को गाली गलौच कर बुलाया और प्रार्थी जब घर का दरवाजा खोल कर बाहर आया तो एस आई जाट ने कहा कि अपने भाई की इण्डियन स्टोर नाम की दुकान खुलवा। मुझे तलाशी लेनी है। प्रार्थी ने जब उसका कारण पूंछा तो प्रार्थी को मा बहिन की गालियां दी और पुलिसवालो से पकडवाकर पास मे खडा करवा दिया तथा प्रार्थी के भाई अब्दुल राशिद को अंदर से बुलवा कर चाबी लेकर आने को कहा और चाबी मंगवा कर दुकान के अदर मय फोर्स के घुसकर तीसरी मंजिल तक तलाशी ली और प्रार्थी तथा प्रार्थी के भाई की शर्ट की काॅलर पकडकर साथ में प्रार्थी के नौकरो को बुलवाकर बाजार से पैदल पैदल गालियां देते हुए एवं घूमते हुए थाने तक ले गये।

थाने पहुंचकर बिना किसी अपराध या कारण के करीब एक घंटे तक प्रार्थी सहित प्रार्थी के भाई एवं भाई की दुकान पर काम करने वाले नौकरो को गाली गलौच करते हुए थाने मे बिठाकर रखा गया। गाली देते हुए प्रार्थी से कहा कि तूं बडा दुकानदार हो गया है पुलिस वालों से उधारी के पैसे मांगता है। जब प्रार्थी ने अपने रूपये 670 छोडना एवं आइंदा मांग नही करने का वायदा किया तब प्रार्थी और उसके भाई राशिद नौकरो को छोडा गया इस कारण प्रार्थी को बेइज्जत होने के साथ साथ बिना किसी कारण के थाने के अंदर जबरन बिठाकर गाली देने से प्रार्थी के परिवार नौकर इत्यादि की प्रतिष्ठा खराब हुयी है। आवेदन मे भाण्डेर थाने मे पदस्थ एस आई रमेश जाट के विरूद्ध कार्यवाही की मांग की है।

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