जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए नहीं पड़ेगी आधार कार्ड की जरूरत, सरकार ने बदल दिए नियम, पढ़ें पूरी खबर

new aadhaar app

Aadhaar Card Update: आधार कार्ड जरूरी दस्तावेजों में से एक है। आज के दौर में यह पहचान के तौर पर काम करता है। सरकारी योजनाओं से लेकर कॉलेज में एडमिशन तक लगभग सभी आधिकारिक कार्यों में इसकी जरूरत पड़ती है। सरकार ने जनता को राहत देते हुए आधार कार्ड से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। जिसके तहत अब बर्थ और डेथ रजिस्ट्रेशन के लिए आधार नंबर यानि आधार कार्ड की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस संबंध में रजिस्ट्रार जनरल ऑफिस को आदेश भी जारी किया गया है।

दरअसल, केन्द्रीय सरकार ने जन्म और मृत्यु के रजिस्ट्रेशन के दौरान आधार डेटाबेस को इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने इस संबंध में आरजी कार्यालयों के लिए गाइडलाइन भी जारी की गई है। जिसमें यह भी कहा गया है कि माता-पिता को नए बच्चे के जन्म की सूचना देना जरूरी होगा। इसके लिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार के नियमों का पालन किया जाएगा। राज्य सरकार और केंद्र शासित प्रदेश द्वारा आधार वेरीफिकेशन का उपयोग किया जाएगा।

जन्म और मृत्यु पंजीकरण प्रक्रिया में आधार वेरीफिकेशन को शामिल करने के पीछे सरकार का उद्देश्य रिकॉर्ड की बेहतर सटीकता और विश्वसनीयता को सुनिश्चित करना है। यह योजना 20 से अधिक राज्यों में पहले से चल रही है। बाकी राज्यों में जल्द ही लागू होने की उम्मीद है।

बता दें कि सरकार ने जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 से तहत यह निर्देश जारी किया है। अधिसूचना के मुताबिक जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रेशन के लिए सवैच्छिक आधार पर आधार नंबर का वेरीफिकेशन कर सकते हैं।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews