रेपो रेट घटने के बाद इस सरकारी बैंक ने किया FD के ब्याज दरों में बदलाव, नए रेट प्रभावी, जानें मिल रहा कितना रिटर्न?

यह सरकारी बैंक 1 साल के बल्क एफडी पर 7% से अधिक ब्याज ऑफर कर रहा है। नए रेट लागू हैं। आइए जानें कितने दिन के टेन्योर पर कितना इन्टरेस्ट रेट मिल रहा है?
bank fd

रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने रेपो रेट में 25 बीपीएस की कटौती कर दी है। जिसका प्रभाव केवल लोन और ईएमआई पर ही नहीं बल्कि फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर भी पड़ेगा है। आरबीआई के इस फैसले के बाद कई बैंकों ने एफडी के ब्याज दरों में बदलाव करना शुरू कर दिया है।

पब्लिक सेक्टर के बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने बल्क डिपॉजिट के ब्याज दरों में संशोधन किया है। 3 करोड़ रुपये  से लेकर 10 करोड़ रुपये तक के एफडी के लिए नए इन्टरेस्ट रेट प्रभावी हो चुके हैं। बता दें कि ब्याज दरों में समय-समय पर बदलाव होते हैं। इसलिए निवेश से पहले बैंक के ऑफिशियल वेबसाइट या नजदीकी ब्रांच को विजिट करने की सलाह दी जाती है।

ग्राहकों को मिलेगा कितना रिटर्न? 

बैंक 3 करोड़ रुपये से 5 करोड़ रुपये का तक निवेश करने पर 7 दिन से लेकर 10 साल के टेन्योर पर कम से कम 5% और अधिकतम 7. 45% ब्याज ऑफर कर रहा है। सबसे ज्यादा रिटर्न 1 साल के एफडी पर मिल रहा है। इस टेन्योर के लिए 5 करोड़ रुपये से 6 करोड़ रूपये तक का निवेश करने पर बैंक 7.75% ब्याज ऑफर कर रहा है। 5 साल से अधिक को 10 साल के एफडी पर 5% इन्टरेस्ट दे रहा है।

टेन्योर के हिसाब से ब्याज दरें (Fixed Deposit) 

  • 7 से 14 दिन- 5%
  • 15 से 45 दिन- 5%
  • 46 से 90 दिन- 5.75%
  • 91 से 180 दिन- 5.75%
  • 181 दिन से लेकर 210 दिन-6.50%
  • 211 दिन से लेकर 270 दिन- 6.75%
  • 271 दिन से लेकर 1 साल से कम- 6.75%
  • 1 साल- 7.45%
  • 1 साल से अधिक और 15 महीने तक- 6.85%
  • 15 महीने से अधिक और 2 साल तक- 6.85%
  • 2 साल से अधिक और 3 साल तक- 6.50%
  • 3 साल से अधिक और 5 साल तक- 6%
  • 5 साल से अधिक और 10 साल तक- 5%
Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews