Bank FD: 103 साल पुराने इस बैंक ने बढ़ाया एफडी पर ब्याज, ग्राहकों को मिलेगा ज्यादा रिटर्न, नई दरें लागू, देखें खबर

bank fd

Bank FD: फिक्स्ड डिपॉजिट को कई लोग निवेश के लिए बेहतर विकल्प मानते हैं। एफडी में एक निर्धारित अवधि के लिए पैसे जमा किए जाते हैं, जिसपर बैंक ब्याज देते रहते हैं। प्राइवेट सेक्टर के तमिलनाडु मर्केंटाइल बैंक लिमिटेड ने एफडी के ब्याज दरों में इजाफा किया है। 2 करोड़ से कम के डिपॉजिट के लिए नई दरें लागू हो चुकी है। बैंक 7 दिन से 10 साल के टेन्योर पर सामान्य नागरिकों को 5.25% से लेकर 7.5% ब्याज ऑफर कर रहा है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों को 0.5% एक्स्ट्रा इन्टरेस्ट मिल रहा है।

इतने दिन के एफडी पर मिल रहा 7% से ज्यादा ब्याज 

सबसे ज्यादा ब्याज बैंक 400 दिनों के स्पेशल एफडी पर दे रहा है। सामान्य नागरिकों के लिए इन्टरेस्ट रेट 7.5% हैं। समान टेन्योर पर वरिष्ठ नागरिकों को 8% ब्याज मिल रहा है। 1 साल से 400 दिनों से कम के एफडी पर 7% ब्याज मिल रहा है। 400 दिन से लेकर 20 महीने 20 दिन के डिपॉजिट पर 7%, 20 महीने और 20 दिन के एफडी पर 7% और 20 महीने 20 दिन से अधिक-2 साल के कम के अवधि पर भी 7% ब्याज बैंक ऑफर कर रहा है। 2 साल से लेकर 3 साल से कम के डिपॉजिट पर 6.75% और 3 साल से 10 साल के एफडी पर 6.5% ब्याज बैंक दे रहा है।

शॉर्ट टर्म डिपॉजिट के लिए ब्याज दरें

121 दिन से 179 दिन के टेन्योर, 271 दिन से 1 साल के कम के एफडी और 180-270 दिन के एफडी पर 6% ब्याज मिल रहा है। बैंक 7-14 दिन, 30-45 दिन , 46-60 दिन और 61-90 दिन के फिक्स्ड डिपॉजिट पर 5.25% ब्याज ऑफर कर रहा है। वहीं 91 से 120 दिन के एफडी पर सामान्य नागरिकों को 5.75% ब्याज मिल रहा है।

bank fd

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है। MP Breaking news किसी भी स्कीम/बैंक एफडी/शेयर मार्केट में निवेश करने की सलाह नहीं देता।)

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews