इस प्राइवेट बैंक ने बदल दिए नियम, 1 मार्च से होंगे लागू, ग्राहक जरूर जान लें

फेडरल बैंक ने कैश हैंडलिंग सेवा से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। नए चार्जेस मार्च 2026 से लागू होंगे। प्रतिमाह लेनदेन के लिए एक निश्चित लिमिट तय होगी। 
savings account rates

AI Generated Image

प्राइवेट सेक्टर के फेडरल बैंक ने व्होलसेल बैंकिंग (कमर्शियल और कॉरपोरेट बैंकिंग) ग्राहकों के लिए कैश हैंडलिंग शुल्क (Banking New Rules) में बदलाव किया। नए चार्ज 1 मार्च 2026 से लागू होने वाले हैं। इसकी जानकारी खाताधारकों को होनी चाहिए। इससे संबंधित नोटिफिकेशन बैंक ने आधिकारिक वेबसाइट http://www.federal.bank.in पर जारी किया है।

बैंक के आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक करंट अकाउंट खाता धारकों को प्रतिमाह लेनदेन के लिए एक निश्चित लिमिट की सुविधा दी जाएगी। करंट अकाउंट के लिए मुफ्त सीमा प्रतिमाह पिछले 6 महीने के एएमबी का 5 गुना होगा। हर महीने ज्यादा से ज्यादा 50 लाख रुपये तक के ट्रांजैक्शन पर यह नियम लागू होगा।

मुफ्त सीमा से ज्यादा से अधिक के ट्रांजेक्शन के लिए 3.5 रुपये प्रति 1,000 रुपये या इससे हिस्से के हिसाब से चार्ज का भुगतान करना होगा। हर ट्रांजेक्शन पर कम से कम 50 रुपये शुल्क लगेगा। बैंक के इस फैसले से नकद लेनदेन पर नियंत्रित और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलेगा।

OD/सीसी खातों के लिए नए नियम

वर्किंग कैपिटल ओवरड्राफ्ट (ओडी) और कैश क्रेडिट (सीसी) खातों के लिए भी कैश हैंडलिंग के शुल्क में बदलाव किया गया है। इन खातों में हर महीने फ्री लिमिट पिछली छमाही के औसत उपयोग किए गए फंड बेस वर्किंग कैपिटल के सीमा के 100% तक होगी।

ऐसे होगी गणना

इस गणना में ओडी/सीसी लिमिट को भी शामिल किया गया है। फ्री लिमिट से अधिक ट्रांजेक्शन होने पर अधिकतम 50 लाख रुपये प्रतिमाह शुल्क देना होगा।  यदि इस लिमिट से अधिक नगद लेनदेन ग्राहक करते हैं, तो उन्हें 2 रुपये प्रति 1000 रूपये या उसके अंश के हिसाब से शुल्क भरना होगा। यह शुल्क प्रति ट्रांजेक्शन कम से कम 50 रूपये तय किया गया है।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews