इस सरकारी बैंक ने बदले Cheque से जुड़े नियम, अब ग्राहकों को करना होगा ये काम, वरना फंस जाएगा पैसा, यहाँ जानें डिटेल 

बैंक ऑफ बड़ौदा ने चेक से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। खाताधारकों को इसकी जानकारी होनी चाहिए। वरना लेनदेन के दौरान पैसा भी अटक सकता है। आइए जानें नए नियम क्या हैं और कब लागू होंगे?
cheque new rules

AI Generated

चेक से लेनदेन करने वालों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। पब्लिक सेक्टर के बैंक ऑफ बड़ौदा नियमों में संशोधन किया है। जिसका प्रभाव सभी ग्राहकों पर पड़ेगा। BOB ने पॉजिटिव पे कन्फर्मेशन के लिए अनिवार्य सीमा में बदलाव किया है। यह कदम सुरक्षा बढ़ाने और चेक से संबंधित फ्रॉड के मामलों पर रोक लगाने के लिए उठाया है।

मौजूदा समय में 5 लाख रुपये और इससे अधिक के चेक के लिए पॉजिटिव पे अनिवार्य है। लेकिन मई 2025 से 4 लाख रुपये या इससे अधिक के चेक लेनदेन के लिए यह नियम (Cheque New Rules) लागू कर दिया गया है। 1 अगस्त 2025 से 3 लाख रुपये या इससे अधिक के चेक पर भी पॉजिटिव पे सिस्टम लागू होगा। 2 लाख या इससे अधिक के चेक के लिए यह प्रणाली 1 नवंबर 2025 से प्रभावी होगी।

क्या है पॉजिटिव पे सिस्टम?

जनवरी 2021 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने धोखाधड़ी के मामलों को लगाम लगाने के लिए पॉजिटिव पे सिस्टम यानि पीपीएस की शुरुआत की थी। इस प्रणाली के तहत ग्राहकों को चेक पेमेंट से पहले संबंधित बैंक को कुछ जानकारी देनी पड़ती है। इसमें चेक नंबर, लाभार्थ का नाम, तारीख, रकम इत्यादि जानकारी उपलब्ध होती है। ये जानकारी मैच होने पर ही चेक को प्रोसिड किया जाता है। विसंगति मिलने पर ट्रांजैक्शन सफल नहीं होता और चेक रिजेक्ट कर दिया जाता है।

कैसे करें पीपीएस के लिए रजिस्ट्रेशन? 

ग्राहक अलग-अलग तरीके से PPS से खुद को पंजीकृत कर सकते हैं। इसमें इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और अन्य डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म शामिल हैं। बीओबी कस्टमर्स बड़ौदा एम कनेक्ट ऐप पर जाकर “Request Services” के ऑप्शन में जाकर “पॉजिटिव पे कन्फर्मेशन” पर क्लिक करके पीपीएस से संबंधित जानकारी भेज सकते हैं। इसके अलावा बीओबी iबैंकिंग ऐप, व्हाट्सऐप बैंकिंग और एसएमएस के जरिए भी यह काम कर सकते हैं। इसके अलावा बैंक की शाखा में जाकर भी जानकारी दी जा सकती है।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews